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NEET-BDS Admission: सुप्रीम कोर्ट ने नीट बीडीएस दाखिला कट-ऑफ कम नहीं करने पर केंद्र से मांगा विशेष जवाब

Wed, 11 May 2022 11:29 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 11 May 2022 11:29 PM IST
सार

NEET-BDS Admission: जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी किया और एमबीबीएस पाठ्यक्रमों और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए दिए गए प्रवेश में कटौती के बाद पात्र उम्मीदवारों की कुल संख्या, रिक्त सीटों की कुल संख्या जैसे विशिष्ट बिंदुओं पर जवाब मांगा। 

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SC seeks Centres specific reply on lowering of cut-off marks for NEET-BDS courses Admission
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

NEET-BDS Admission: सुप्रीम कोर्ट ने शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए नीट-बीडीएस (NEET-BDS) पाठ्यक्रमों की योग्यता के प्रतिशत को कम करने से इनकार करने के केंद्र के फैसले को चुनौती देने वाली नीट-यूजी उम्मीदवारों की याचिका पर बुधवार को केंद्र से जवाब मांगा है। 

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जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस सूर्यकांत की पीठ ने केंद्र को नोटिस जारी किया और एमबीबीएस पाठ्यक्रमों और बीडीएस पाठ्यक्रमों के लिए दिए गए प्रवेश में कटौती के बाद पात्र उम्मीदवारों की कुल संख्या, रिक्त सीटों की कुल संख्या जैसे विशिष्ट बिंदुओं पर जवाब मांगा है। 
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पीठ ने केंद्र से अखिल भारतीय कोटा और राज्य कोटा में और सरकारी कॉलेजों और निजी और डीम्ड कॉलेजों में उपलब्ध सीटों की कुल संख्या, सरकारी और निजी / डीम्ड कॉलेजों में उपलब्ध सीटों के मद्देनजर पर्सेंटाइल कम करने की अनुमति नहीं देने के कारणों को भी जानना चाहा।

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20,000 सीटों में से केवल 9000 सीटें ही भरी

शुरुआत में, केंद्र की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने पीठ को एक नोट सौंपा और कहा कि नोट तैयार होने के बाद, सभी खाली रिक्तियों के लिए परिणाम घोषित किए गए हैं और सरकारी कॉलेजों में 111 सीटों का आवंटन किया गया है। उसने कहा कि चार्ट में दिए गए आंकड़े सटीक नहीं हैं, क्योंकि उन्हें याचिका की सुनवाई से ठीक पहले ही नए अपडेट आंकड़े प्राप्त हुए हैं और इसके अनुसार, 20,000 सीटों में से केवल 9000 सीटें ही भरी गई हैं।
 

केंद्र सरकार एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करेगी

पीठ ने कहा कि डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी छह अप्रैल के अपने पत्र में रिक्तियों को स्वीकार किया है और कहा है कि 20,000 सीटों में से केवल 9000 सीटें ही भरी गई हैं। भाटी ने कहा कि वे यानी केंद्र सरकार एक विस्तृत हलफनामा दाखिल करेगी, जिसमें आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या और सरकारी और निजी / डीम्ड कॉलेजों में भरी गई सीटों के बारे में सटीक संख्या होगी।

ऐसा क्यों हो रहा है इसका कोई न कोई कारण रहा होगा?

पीठ ने कहा कि 2019-20 और 2020-21 में भी पर्सेंटाइल कम होने के बाद भी सीटें खाली थीं और ऐसा क्यों हो रहा है इसका कोई न कोई कारण रहा होगा। NEET-UG के इच्छुक याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उन्होंने न्यूनतम अंक प्राप्त नहीं किए हैं और इसलिए वे BDS पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए योग्य उम्मीदवार के रूप में अर्हता प्राप्त नहीं कर सकते हैं। 
याचिका में कहा गया है कि डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया ने परीक्षा से संबंधित कट-ऑफ पर्सेंटाइल को 10 पर्सेंटाइल कम करने की सिफारिश की है। तो फिर केंद्र अपने फैसले पर पुनर्विचार क्यों नहीं कर रहा है जबकि प्रवेश के लिए अंतिम तारीख भी 15 मई तक बढ़ाई हुई है। 

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