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SC: डार्विन और आइंस्टीन के सिद्धांतों को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, नर्सरी एडमिशन पर कोर्ट ने कही ये बातें

Fri, 13 Oct 2023 03:38 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 13 Oct 2023 03:38 PM IST
सार

Nursery Admission Policy: सुप्रीम कोर्ट ने नर्सरी दाखिले के लिए बच्चों की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाने के मामले से जुड़ी और डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत और आइंस्टीन के विशेष सापेक्षता के सिद्धांत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया है।
 

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SC dismisses pleas on screening of children for nursery admissions and Darwin's theory, Einstein's theory
Supreme Court - फोटो : Social Media

विस्तार

Screening of Children For Nursery Admissions: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट के उस फैसले को चुनौती देने वाली एक याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें नर्सरी दाखिले के लिए बच्चों की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाने के मामले में उप राज्यपाल को सहमति देने या वापस करने का निर्देश देने की मांग की गई थी। न्यायमूर्ति एसके कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि कानून बनाने का निर्देश नहीं दिया जा सकता।

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उच्च न्यायालय ने 3 जुलाई को एनजीओ सोशल ज्यूरिस्ट द्वारा दायर एक जनहित याचिका को खारिज करते हुए कहा कि वह विधायी प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है और एलजी को दिल्ली स्कूल शिक्षा (संशोधन) विधेयक, 2015 को सहमति देने या इसे वापस करने का निर्देश नहीं दे सकता है।
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संगठन ने अधिवक्ता अशोक अग्रवाल के माध्यम से शीर्ष अदालत में अपील दायर कर कहा कि स्कूलों में नर्सरी दाखिले में स्क्रीनिंग प्रक्रिया पर प्रतिबंध लगाने वाला बाल-हितैषी विधेयक पिछले सात सालों से केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच लटका हुआ है।
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जनहित याचिका को खारिज करते हुए, दिल्ली उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ ने कहा था कि संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय के लिए राज्यपाल को मामलों में समय सीमा निर्धारित करने का निर्देश देना उचित नहीं है। जो पूरी तरह से उसके अधिकार क्षेत्र में आते हैं। 

इस याचिका को भी किया गया खारिज

एक अन्य मामले में उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को डार्विन के विकासवाद के सिद्धांत और द्रव्यमान-ऊर्जा की समानता को व्यक्त करने वाले आइंस्टीन के विशेष सापेक्षता के सिद्धांत को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका को भी खारिज कर दिया है।

सुनवाई में न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि वैज्ञानिक मान्यताओं को चुनौती देने के लिए भारतीय संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत कोई रिट याचिका नहीं हो सकती है।

"याचिकाकर्ता यह साबित करना चाहता है कि विकास का डार्विनियन सिद्धांत और आइंस्टीन के समीकरण गलत हैं और वह इसके लिए एक मंच चाहता है। यदि यह उसका विश्वास है, तो वह अपने विश्वास का प्रचार कर सकता है।"

क्या है डार्विन का सिद्धांत और आइंसटीन के समीकरण

अंग्रेजी प्रकृतिवादी डार्विन द्वारा प्रस्तावित विकास का सिद्धांत बताता है कि सभी जीवित प्राणी प्राकृतिक वरण से विकसित हुए हैं। आइंस्टीन का प्रसिद्ध समीकरण E=mc2 कहता है कि ऊर्जा और द्रव्यमान (पदार्थ) विनिमेय हैं।

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