Rajasthan university 2021 Exams: केवल स्नातक, स्नातकोत्तर के अंतिम वर्ष की होंगी परीक्षाएं, यहां पढ़ें डिटेल्स
राजस्थान विश्वविद्यालय की परीक्षाएं जुलाई के अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित की जाने की संभावनाएं हैं।
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राज्य सरकार ने आधिकारिक वेबसाइट पर अधिसूचना जारी कर यह सूचित किया है कि इस वर्ष राजस्थान विश्वविद्यालय केवल स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों के अंतिम वर्ष में पढ़ रहे छात्रों के लिए ही परीक्षा आयोजित करेगा। संभावना जताई जा रही हैं कि यह परीक्षाएं जुलाई के अंतिम सप्ताह या अगस्त के पहले सप्ताह में आयोजित की जाएंगी। यह जानकारी उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने प्रेसवार्ता के दौरान दी है।
सितंबर माह तक जारी होंगे नतीजे
शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं में प्राप्त अंकों के आधार पर पदोन्नत किया जाएगा। स्नातक द्वितीय वर्ष के छात्रों को अनंतिम रूप से पदोन्नत किया जाएगा और ऑनलाइन कक्षाएं 10 जुलाई से आयोजित की जाएंगी। वहीं इन परीक्षाओं का परिणाम सितंबर माह में जारी करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि कोविड-19 की स्थिति सामान्य होने पर, शारीरिक परीक्षा आयोजित की जाएंगी। इन परीक्षाओं के परिणाम 31 दिसंबर तक घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि सेमेस्टर और प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों को ऑनलाइन परीक्षा का विकल्प जाएगा है।
ऑनलाइन मोड में आयोजित होंगी परीक्षाएं
शिक्षा मंत्री के अनुसार, व्यावसायिक पाठ्यक्रमों (वोकेशनल कोर्सेस) और सेमेस्टर सिस्टम वाले पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं भी ऑनलाइन मोड में ही आयोजित की जाएंगी। जिन विषयों के दो या तीन प्रश्नपत्र हैं, उनके सभी प्रश्न पत्र एक ही पाली में आयोजित किए जाएंगे। हालांकि जरूरत पड़ने पर परीक्षा केंद्रों को बढ़ाया भी जा सकता है।
10 जुलाई से शुरू होंगी कक्षाएं
वहीं पीजी पाठ्यक्रमों के संबंध में शिक्षा मंत्री कहते हैं कि प्रथम वर्ष की कक्षाएं भी 10 जुलाई से शुरू हो रही हैं। स्थिति सामान्य होने के बाद परीक्षाएं कराई जाएंगी और 31 दिसंबर तक परिणाम घोषित किए जाएंगे।
संक्रमित होने पर परीक्षा में सम्मिलित होने का मिलेगा अवसर
गृह विभाग द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार परीक्षा केंद्रों पर कोविड प्रोटोकॉल का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। कोविड से संक्रमित कोई भी अभ्यर्थी, यदि परीक्षा में सम्मिलित नहीं हो पाता है, या कोई अभ्यर्थी परीक्षा परिणाम से संतुष्ट नहीं है, तो उसे परीक्षा में सम्मिलित होने का विशेष अवसर दिया जाएगा। भाटी ने कहा कि विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के छात्रों और उनमें कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मियों को प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाएगा।
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