राजस्थान शिक्षा विभाग का फैसला, पूरे पाठ्यक्रम को डिजिटल फार्मेट में बदला जाएगा
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ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को ऑनलाइन कक्षाओं के जरिए पढ़ाने में मदद हो इसके लिए राजस्थान शिक्षा विभाग ने डिजिटल लेसन के कार्यक्रम की पेशकश की थी। कुछ ही समय में यह पाठ्यक्रम काफी सफल साबित हुआ। अब विभाग ने पूरे पाठ्यक्रम को डिजिटल फॉर्मेट में बदलने का निर्णय लिया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के निदेशक सौरभ स्वामी ने कहा, यह कार्यक्रम काफी सफल रहा और अब हम अपने छात्रों के भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए उन्हें डिजिटल सॉल्यूशन देने की तैयारी कर रहे हैं। यह कार्यक्रम राजस्थान सरकार की ई-कक्षा नामक पहल के कारण संभव हो पाया। जिसके तहत विभाग ने अन्य स्कूल सामग्री के साथ 4,300 से अधिक डिजिटल लेसन रिकॉर्ड किए हैं और यूट्यूब पर अपलोड किए गए हैं।
निदेशक आगे बताते हैं कि ई-कक्षा का उद्देश्य कक्षा 6वीं से लेकर कक्षा 12वीं तक के छात्रों को डिजिटल प्लेटफाॅर्म के माध्यम से शिक्षा प्रदान करना है। साक्षात्कार के बाद शॉर्टलिस्ट किए गए लगभग 43 सरकारी शिक्षक जयपुर के ‘मिशन ज्ञान’ स्टूडियो में डिजिटल लेसन तैयार कर रहे हैं। इस कार्यक्रम के तहत हमने गुजराती, उर्दू, सिंधी और पंजाबी भाषा में भी यह सामग्री बनाना शुरू कर दिया है।
शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा कहते हैं कि सरकारी स्कूलों के बंद हो जाने से छात्रों की पढ़ाई पर काफी बुरा असर पड़ा। इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य सरकार ने शिक्षा को बच्चों के लिए सुलभ बनाने का प्रयास किया है।
सरकार के डिजिटल माध्यमों जैसे शिक्षा वाणी, शिक्षा दर्शन, सोशल मीडिया इंटरफेस फॉर लर्निंग इंगेजमेंट (स्माइल) कार्यक्रम के साथ-साथ सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) प्रयोगशाला और सभी सरकारी स्कूलों में मौजूद स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से ई-सामग्री वितरित की जा रही है।
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