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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के दीक्षांत समारोह में बेटियों का रहा बोलबाला, राष्ट्रपति ने भी सराहा
Wed, 30 Oct 2019 07:01 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Wed, 30 Oct 2019 07:01 PM IST
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी दीक्षांत समारोह।
- फोटो : file photo
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद 30 अक्तूबर 2019 को जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल भी इस मौके पर अतिथि के रूप में मौजूद थे। राष्ट्रपति ने छात्रों को संबोधित करते हुए पदक विजेताओं, अभिभवकों और अध्यापकों को बधाई दी।
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उन्होंने कहा कि मैं उन लड़कियों को बधाई देता हूं, जिन्होंने दोनों ही साल लड़कों से ज्यादा स्वर्ण पदक हासिल किए है। इन काबिल और होनहार बेटियों में समाज और देश के आने वाले सुनहरे कल की तस्वीर दिखाई पड़ती है। कोविंद ने कहा कि ये एक अहम बदलाव है कि जामिया के 100 साल के इतिहास में पहली बार महिला चांसलर और वाइस चांसलर को नियुक्त किया गया है। इसके लिए मैं केंद्र सरकार और मानव संसाधन विकास मंत्रालय की सराहना करता हूं।
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बता दें कि यह दीक्षांत समारोह 2017 और 2018 में पास हुए छात्रों के लिए आयोजित किया गया था। 2017 और 2018 में पास हुए दस हजार छात्रों को डिग्रीयां बांटी गई। जिसमें से 350 छात्रों को गोल्ड मेडल बांटे गए, इनमें से 183 स्वर्ण पदक लड़कियों को दिए गए। जिसे देखकर राष्ट्रपति कोविंद काफी खुश नजर आए और उन्होंने अपने संबोधन में प्रमुखता से इसका जिक्र किया।
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इस मौके पर कुलपति नजमा अख्तर ने छात्रों को संबोधित करते हुए बधाई दी और कहा कि विश्वविद्यालय में शिक्षा की गुणवत्ता को और ज्यादा बढ़ाने के लिए हम अकादमी और उद्योगों को साथ लाने का प्रयास कर रहें है। इसके लिए सीआईआई और अन्य संस्थाओं से सहयोग मांगा जा रहा है। इस साल तक विश्वविद्यालय में 164 शोध छात्र जुड़ चुके हैं, और 200 रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम किया जा रहा है। इन रिसर्च प्रोजेक्टस के लिए 40 करोड़ रुपये की ग्रांट मिली है।
उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों को रिसर्च फेलोशिप भी प्रदान की जा रही हैं। विश्वविद्यालय को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयास किया जा रहा है। इसके तहत ही विश्वविद्यालय में वाईफाई सुविधा भी कैंपस में दुरुस्त कराई जाएंगी।
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