पीएम मोदी ने की थी 'प्लॉगिंग', जानें कहां और किसने शुरू किया था ये ट्रेंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को महाबलीपुरम में बीच पर प्लॉगिंग (Plogging) की। पीएम मोदी की इस प्लॉगिंग का वीडियो भी जारी किया गया था। इसमें नरेंद्र मोदी मॉर्निंग वॉक के दौरान बीच पर पड़ा प्लास्टिक का कूड़ा, फेंकी हुई बोलतें उठाते नजर आ रहे थे। इस संबंध में प्रधानमंत्री ने खुद भी ट्वीट किया और बताया था कि उनकी यह प्लॉगिंग करीब 30 मिनट तक चली।
ये 'प्लॉगिंग' शब्द आपने कई जगहों पर सुना और पढ़ा होगा। लेकिन क्या आपको पता है कि इसका मतलब क्या होता है? देश में चल रहे इस ट्रेंड की शुरुआत कहां हुई थी, किसने की थी? पीएम मोदी को प्लॉगिंग का आइडिया कैसे मिला? इन सवालों के जवाब हम आपको आगे बता रहे हैं।
'प्लाॉगिंग' दो अलग-अलग शब्दों से जुड़कर बना है। जॉगिंग और प्लॉका अप (Jogging and Plocka upp)। अंग्रेजी शब्द पिक अप (pick up) को स्वीडिश भाषा में प्लॉका अप कहते हैं।
प्लॉगिंग तेजी से उभरता हुआ अंतरराष्ट्रीय ट्रेंड है जिसमें लोग जॉगिंग करते हुए या तेजी से चलते हुए रास्ते पर पड़ा कूड़ा उठाते हैं। इससे एक साथ दो काम हो जाते हैं- फिटनेस और सफाई।
ये भी पढ़ें : केंद्र सरकार की फेलोशिप का आखिरी मौका, हर महीने मिलेंगे 70 से 80 हजार रुपये
यह ट्रेंड 2016 में स्वीडन में शुरू हुआ था। एरिक एलस्ट्रम ने इसकी शुरुआत की थी। जब एरिक ने देखा कि सड़कों पर हफ्तों तक कूड़ा पड़ा रहता है, लेकिन कोई उसे उठाकर कूड़ेदान में डालने की जहमत नहीं उठाता। इसके बाद उन्होंने खुद ये काम शुरू किया। रोज अपनी एक्सरसाइज व रनिंग के दौरान एरिक जिस रास्ते से गुजरते, वहां पड़ा कूड़ा भी उठाते जाते।
इस गतिविधि को ट्रेंड बनाने में कुछ लोगों के साथ-साथ सोशल मीडिया का सबसे बड़ा योगदान रहा। धीरे-धीरे प्लॉगिंग एक अंतरराष्ट्रीय मुहिम बन गई है। यूरोप, अमेरिका, एशिया और अफ्रीका में कई समूह प्लॉगिंग को बढ़ावा दे रहे हैं।
Plogging at a beach in Mamallapuram this morning. It lasted for over 30 minutes.
— Narendra Modi (@narendramodi) October 12, 2019
Also handed over my ‘collection’ to Jeyaraj, who is a part of the hotel staff.
Let us ensure our public places are clean and tidy!
Let us also ensure we remain fit and healthy. pic.twitter.com/qBHLTxtM9y
भारत में केंद्र सरकार ने बीते 2 अक्तूबर को प्रधानमंत्री के फिट इंडिय मूवमेंट के तहत फिट इंडिया प्लॉग रन (Fit India Plog Run) का आयोजन किया था। 29 सितंबर को पीएम मोदी ने अपने रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' में लोगों से प्लॉगिंग करने की अपील की थी, ताकि भारत को स्वच्छ बनाया जा सके।
पीएम मोदी को कैसे आया Plogging का आइडिया
प्रधानमंत्री ने कहा था, 'हमारे ही देश के एक नौजवान ने बड़ा अनोखा अभियान चलाया है। उनके इस काम पर मेरा ध्यान गया तो मैंने उनसे फोन पर बात कर इस नए प्रयोग को जानने समझने की कोशिश की। रिपुदमन बेल्वी अनोखा प्रयास कर रहे हैं। वे प्लॉगिंग करते हैं। जब मैंने पहली बार प्लॉगिंग शब्द सुना तो मेरे लिए भी नया था। विदेशों में तो शायद ये शब्द कुछ मात्रा में उपयोग हुआ है। लेकिन भारत में रिपुदमन बेल्वी जी ने इसे बहुत प्रचारित किया है।'ये भी पढ़ें : इस शख्स के कारण आज हम देख रहे हैं वीडियो और फिल्में, गूगल ने बनाया डूडल
इसे शुरू करने वाले एरिक के अनुसार, आधे घंटे की प्लॉगिंग से कम से कम 288 कैलोरी कम की जा सकती है। जबकि इतने ही देर सिर्फ जॉगिंग करने से आप करीब 235 कैलोरी ही कम कर पाते हैं।
कमेंट
कमेंट X