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केंद्र की रिपोर्ट : 23 आईआईटी में 4,300 से अधिक प्रोफेसर के पद खाली, दाखिला तो मिला पर पढ़ाएगा कौन?
Tue, 21 Jul 2026 04:49 AM IST
राकेश कुमार
अमर उजाला नेटवर्क नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क नई दिल्ली।
Published by: राकेश कुमार
Updated Tue, 21 Jul 2026 04:49 AM IST
सार
जेईई एडवांस्ड जैसी देश की सबसे कठिन परीक्षा पास कर आईआईटी में दाखिला पाने वाले लाखों छात्रों के भविष्य पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है। केंद्र सरकार की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देश के सभी 23 आईआईटी में प्रोफेसरों के 4,300 से ज्यादा यानी करीब 32 से 35 फीसदी पद खाली पड़े हैं। आईआईटी पटना और खड़गपुर जैसे दिग्गज संस्थानों में तो आधे से ज्यादा फैकल्टी के पद रिक्त हैं। कई बार चयन प्रक्रिया चलाने के बावजूद योग्य उम्मीदवार न मिलना इस संकट को और गहरा कर रहा है, जिससे शोध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
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आईआईटी प्रोफेसर कमी
- फोटो : @AI/अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
देश के दिग्गज प्रौद्योगिकी संस्थानों (आईआईटी) में प्रोफेसरों के लगभग 4,300 से अधिक पद खाली पड़े हैं। इसमें से 12 आईआईटी में करीब 30 फीसदी पद रिक्त हैं। सभी 23 आईआईटी में सोमवार (20 जुलाई) से बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों का नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 भी शुरू हो गया है।
ऐसे में शिक्षकों की कमी से विश्वस्तरीय गुणवत्ता युक्त शिक्षा का सपना पूरा होना नामुमकिन है। आईआईटी ने इन खाली पदों को भरने के लिए कई बार चयन प्रक्रिया शुरू की पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, जेईई एडवांस की कठिन परीक्षा पास करने के बाद आईआईटी में गुणवत्ता युक्त पढ़ाई का सपना लेकर छात्र दिग्गज प्रौद्योगिकी संस्थानों में दाखिला लेते हैं। आईआईटी में करीब 12500 प्रोफेसर के पद स्वीकृत हैं।
प्रोफेसर के करीब 32 से 35 फीसदी पद रिक्त
लेकिन मार्च, 2026 के डाटा के मुताबिक, प्रोफेसर के करीब 32 से 35 फीसदी पद रिक्त पड़े हैं। सबसे अधिक प्रोफेसर के पद आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी धनबाद और आईआईटी गोवा में 51 से 45 फीसदी तक खाली हैं। आईआईटी पटना में करीब 52 फीसदी पद खाली हैं। इसमें आईआईटी कानपुर व आईआईटी बॉम्बे में करीब 32 फीसदी, आईआईटी मंडी में 43 फीसदी, आईआईटी रोपड़ में 14 फीसदी, बीएचयू में 30 फीसदी, आईआईटी गोवा में 45 फीसदी, आईआईटी गुवाहाटी में 42 फीसदी तो आईआईटी धनबाद में 48 फीसदी समेत अन्य पद रिक्त हैं।
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पुराने आईआईटी भी शामिल
पुराने आईआईटी में आईआईटी खड़गपुर, आईआटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी का नाम भी इस सूची में शामिल है। यहां औसतन 51 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक पद रिक्त हैं। इन पुराने आईआईटी में प्रोफेसर के पद रिक्त होने से पढ़ाई और शोधकार्यों में भी दिक्कत आती है।
नए बने आईआईटी में भी खाली पड़े पद
केंद्रीय बजट में 2025-26 में पांच नए आईआईटी में सीटें बढ़ाने की घोषणा हुई थी। इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट ने मई 2025 में आईआईटी जम्मू, पलक्कड़, भिलाई, तिरुपति और धारवाड़ में 6500 सीट और 130 फैकल्टी की सीट चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने को मंजूरी दी थी। इसमें बीटेक, एमटेक और पीएचडी पाठयक्रमों में यह सीट बढ़नी है। हालांकि, यहां भी प्रोफेसरों के पद खाली हैं। इसमें आईआईटी धारवाड़ में एक, पलक्कड़ में 14, रोपड़ में 12, तिरुपति में 12 फीसदी तो भिलाई में करीब 12 फीसदी पद रिक्त हैं।
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ऐसे में शिक्षकों की कमी से विश्वस्तरीय गुणवत्ता युक्त शिक्षा का सपना पूरा होना नामुमकिन है। आईआईटी ने इन खाली पदों को भरने के लिए कई बार चयन प्रक्रिया शुरू की पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, जेईई एडवांस की कठिन परीक्षा पास करने के बाद आईआईटी में गुणवत्ता युक्त पढ़ाई का सपना लेकर छात्र दिग्गज प्रौद्योगिकी संस्थानों में दाखिला लेते हैं। आईआईटी में करीब 12500 प्रोफेसर के पद स्वीकृत हैं।
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प्रोफेसर के करीब 32 से 35 फीसदी पद रिक्त
लेकिन मार्च, 2026 के डाटा के मुताबिक, प्रोफेसर के करीब 32 से 35 फीसदी पद रिक्त पड़े हैं। सबसे अधिक प्रोफेसर के पद आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी धनबाद और आईआईटी गोवा में 51 से 45 फीसदी तक खाली हैं। आईआईटी पटना में करीब 52 फीसदी पद खाली हैं। इसमें आईआईटी कानपुर व आईआईटी बॉम्बे में करीब 32 फीसदी, आईआईटी मंडी में 43 फीसदी, आईआईटी रोपड़ में 14 फीसदी, बीएचयू में 30 फीसदी, आईआईटी गोवा में 45 फीसदी, आईआईटी गुवाहाटी में 42 फीसदी तो आईआईटी धनबाद में 48 फीसदी समेत अन्य पद रिक्त हैं।
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पुराने आईआईटी भी शामिल
पुराने आईआईटी में आईआईटी खड़गपुर, आईआटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी का नाम भी इस सूची में शामिल है। यहां औसतन 51 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक पद रिक्त हैं। इन पुराने आईआईटी में प्रोफेसर के पद रिक्त होने से पढ़ाई और शोधकार्यों में भी दिक्कत आती है।
नए बने आईआईटी में भी खाली पड़े पद
केंद्रीय बजट में 2025-26 में पांच नए आईआईटी में सीटें बढ़ाने की घोषणा हुई थी। इसके बाद केंद्रीय कैबिनेट ने मई 2025 में आईआईटी जम्मू, पलक्कड़, भिलाई, तिरुपति और धारवाड़ में 6500 सीट और 130 फैकल्टी की सीट चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने को मंजूरी दी थी। इसमें बीटेक, एमटेक और पीएचडी पाठयक्रमों में यह सीट बढ़नी है। हालांकि, यहां भी प्रोफेसरों के पद खाली हैं। इसमें आईआईटी धारवाड़ में एक, पलक्कड़ में 14, रोपड़ में 12, तिरुपति में 12 फीसदी तो भिलाई में करीब 12 फीसदी पद रिक्त हैं।
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