यूजीसी का फैसला : दूरस्थ और ऑनलाइन डिग्रियों की मान्यता नियमित के समान, लाखों छात्रों को राहत
UGC Big Relief on ODL Degree Program: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा वाली डिग्रियों की मान्यता अब पारंपरिक यानी नियमित डिग्रियों के समान करने की घोषणा की है। इससे लाखों छात्र लाभान्वित होंगे।
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UGC Big Decision over ODL Degree Recognition: विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने लाखों-करोड़ों छात्रों को बड़ी राहत प्रदान की है। यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ने दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा वाली डिग्रियों की मान्यता अब पारंपरिक यानी नियमित डिग्रियों के समान करने की घोषणा की है। यूजीसी ने इस संबंध में संक्षिप्त अधिसूचना भी जारी कर दी है।
ओडीएल प्रोग्राम रेगुलेशन 22 के तहत फैसला
यूजीसी की ओर से जारी महत्वपूर्ण अधिसूचना में कहा गया है कि मान्यता प्राप्त संस्थानों से दूरस्थ और ऑनलाइन शिक्षा के माध्यम से प्राप्त डिग्री को पारंपरिक तरीके से प्रदान की जाने वाली डिग्री के समान ही माना जाएगा। यह निर्णय यूजीसी (ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग प्रोग्राम्स एंड ऑनलाइन प्रोग्राम्स रेगुलेशन 2020) के नियम 22 के अनुसार लिया गया है।
दूरस्थ शिक्षा या ऑनलाइन मोड की डिग्री अब पारंपरिक मोड के समकक्ष
यूजीसी सचिव रजनीश जैन ने कहा कि डिग्री की विशिष्टता पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की 2014 की आधिकारिक अधिसूचना के अनुरूप स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर डिग्री, और उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा मुक्त और दूरस्थ शिक्षा या ऑनलाइन मोड के माध्यम से प्रदान किए गए स्नातकोत्तर डिप्लोमा, संबंधित डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा के पारंपरिक मोड के माध्यम से पेश किए गए स्नातकोत्तर डिप्लोमा, संबंधित डिग्री और स्नातकोत्तर डिप्लोमा के समकक्ष माने जाएंगे।
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