भारत में नहीं मिल रही MBBS सीट, तो डेढ़ लाख रुपये प्रति सेमेस्टर में इस देश से करें एमबीबीएस की पढ़ाई
विदेश की इस यूनिवर्सिटी में मिलेगा 2024 में गारंटीड एडमिशन, जानने के लिए 18005710202 पर कॉल करें।
मात्र 1.5 लाख रुपये प्रति सेमेस्टर में करें एमबीबीएस की पढ़ाई, ये सुनहरा मौका हाथ से न जाने दें। आगे पढ़ें...
विस्तार
नई दिल्ली। डॉक्टर बनने का सपना लेकर तकरीबन 24 लाख छात्रों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित कराई गई नीट यूजी परीक्षा में भाग लिया था। जिसमें तकरीबन 13 लाख छात्र सफल घोषित हुए हैं। सफल छात्र अब एमसीसी द्वारा आयोजित अखिल भारतीय काउंसिलिंग(15% सीटें) और राज्य स्तरीय काउंसिलिंग (85% सीटें) प्रक्रिया में भाग ले रहे हैं। एमसीसी के पहले चरण का सीट अलॉटमेंट हो चुका है। जिसमें एमबीबीएस समेत अन्य कोर्सेज के 26 हजार छात्रों को सीट आवंटित की गई है। वहीं उत्तर प्रदेश समेत विभिन्न राज्यों में पहले चरण की काउंसिलिंग प्रक्रिया चल रही है।
पूरे देश में एमबीबीएस की कुल सीटें हैं तकरीबन 1 लाख 12 हजार और नीट क्वालीफाई छात्रों की संख्या है तकरीबन 13 लाख है। ऐसे में हर सीट पर प्रतिस्पर्धा कड़ी है। एमबीबीएस में दाखिले की इस दौड़ में कम रैंक लाने वाले छात्र पीछे रह गए हैं। लिहाजा उन्हें सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सीट मिलती नहीं दिख रही।
जैसे उत्तर प्रदेश में 1.65 लाख छात्रों ने नीट क्वालीफाई किया है। लेकिन एमबीबीएस की सीटें केवल 10600 ही हैं। ऐसे में 94 प्रतिशत छात्रों को कोई दूसरा विकल्प तलाशना होगा। यही हालात हर राज्य में है।
एमसीसी और स्टेट काउंसिलिंग में सीट नहीं मिलने पर छात्र का साल खराब हो जाता है। ऐसे में छात्रों के पास एक मात्र विकल्प विदेश से MBBS करने का बचता है। क्योंकि भारत के निजी कॉलेजों में अगर आप संपर्क करेंगे भी तो वहां 6 से 7 लाख रुपये प्रति सेमेस्टर की फीस देना आसान नहीं होगा। जबकि विदेश में आप मात्र 1.5 लाख रुपये प्रति सेमेस्टर में एमबीबीएस कर सकते हैं। वो भी कजाकिस्तान के सरकारी कॉलेज से। कजाकिस्तान के टॉप 10 कॉलेजों में 9000 से ज्यादा भारतीय छात्र एमबीबीएस कर रहे हैं। तो फिर देर किस बात की अभी दिए गए टोल फ्री नंबर 18005710202 पर कॉल कर अपनी सीट पक्की करें।
उत्तर प्रदेश में ये है मेडिकल सीटों का गणित
उत्तर प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक छात्रों ने नीट क्वालीफाई किया है। जिसमें विभिन्न कोर्सेज के अंतर्गत केवल 19,000 छात्रों को ही दाखिला मिल सकेगा।
प्लान-B, MBBS Abroad क्यों है जरूरी
सामान्य कैटेगरी में नीट क्वालीफाई करने वाले किसी भी राज्य के छात्र जो MBBS करना चाहते हैं और उनका स्कोर 500 से नीचे है तथा उनका बजट 40 लाख से कम है। उन्हें प्लान बी चुनना चाहिए। क्योंकि भारत में सरकारी सीट उन्हें मिलेगी नहीं और निजी कॉलेजों की फीस वह अदा कर नहीं पाएंगे। ऐसे में साल खराब होने से अच्छा है विदेश से कम पैसे में मिल रही MBBS सीट पर दाखिला ले लिया जाए।
विदेश में रूस और जॉर्जिया में दाखिला प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अब छात्रों के लिए केवल कजाकिस्तान का ही विकल्प शेष है। यहां आवेदन करने के लिए दिए गए टोल फ्री नंबर 18005710202 पर आप संपर्क कर सकते हैं।
कजाकिस्तान की टॉप रैंक सरकारी यूनिवर्सिटी
कजाकिस्तान में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की बात करें तो केवल कोक्शेताउ स्टेट यूनिवर्सिटी ऐसे हो तो NExT की कोचिंग पर 100% स्कॉलरशिप दे रही है। कजाकिस्तान की राजधानी अस्ताना के पास बनी ये यूनिवर्सिटी इस लिहाज से छात्रों के लिए एमबीबीएस के लिए बेहतरीन विकल्प है।
सफलता मोक्ष एक्सपर्ट से लें सलाह
देश में नीट क्वालीफाई करने का बाद जिन युवाओं को सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस की सीट नहीं मिल पा रही है वह असमंजस में हैं। कि आखिर किस जगह एडमिशन लिया जाए। क्योंकि निजी कॉलेजों की फीस बहुत ज्यादा है। छात्रों की इसी समस्या पर सफलता मोक्ष काउंसलर देश के 25 से ज्यादा शहरों में छात्रों से मिल रहे हैं। अगर आप यूपी, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तराखंड, दिल्ली एनसीआर में हैं तो आज ही हमारे काउंसलर से संपर्क कर सकते हैं। इसके लिए आपको 18005710202 पर कॉल करना होगा।
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