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Hindi News ›   Education ›   No. of medical colleges India increased from 387 to 819 in 11 years: Nadda

Report: देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 11 वर्षों में 387 से बढ़कर 819 हुई, यूजी-पीजी सीटें भी दोगुनी बढ़ीं

Sat, 25 Oct 2025 06:46 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 25 Oct 2025 06:46 PM IST
सार

Health Minister: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। साथ ही, स्नातक और स्नातकोत्तर मेडिकल सीटों की संख्या भी दोगुनी से अधिक बढ़ी है।

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No. of medical colleges India increased from 387 to 819 in 11 years: Nadda
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : freepik

विस्तार

Medical Colleges: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री नड्डा ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में देश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 387 से बढ़कर 819 हो गई है। 

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उन्होंने एम्स के 50वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में बताया कि स्नातक मेडिकल सीटें 51,000 से बढ़कर 1.29 लाख और स्नातकोत्तर सीटें 31,000 से बढ़कर 78,000 हो गई हैं।

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अगले 5 साल में मेडिकल सीटों में बढ़ोतरी

उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर 75,000 अतिरिक्त सीटें जुड़ने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्नातक छात्रों को बधाई दी और देश में चिकित्सा विज्ञान, शिक्षा और रोगी देखभाल को आगे बढ़ाने में एम्स के अद्वितीय योगदान की सराहना की।

उन्होंने युवा डॉक्टरों से लोगों की सहानुभूतिपूर्वक सेवा करने, नैतिकता के उच्चतम मानकों को बनाए रखने और देश की उभरती स्वास्थ्य सेवा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए नवाचार का उपयोग करने का आह्वान किया।

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मातृ-शिशु स्वास्थ्य में सुधार

नड्डा ने यह भी कहा कि देश ने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है, नमूना पंजीकरण सर्वेक्षण (SRS) के आंकड़ों के अनुसार, मातृ मृत्यु अनुपात (MMR) 130 से घटकर 88 और शिशु मृत्यु दर (IMR) 39 से घटकर 27 हो गई है।

पांच वर्ष से कम आयु के बच्चों की मृत्यु दर (यू5एमआर) और नवजात शिशु मृत्यु दर (एनएमआर) में भी क्रमशः 42 प्रतिशत और 39 प्रतिशत की उल्लेखनीय कमी आई है, जो वैश्विक औसत से अधिक है।

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टीबी मामलों में कमी

नड्डा ने आगे कहा कि द लैंसेट रिपोर्ट के अनुसार, भारत में टीबी के मामलों में 17.7 प्रतिशत की गिरावट आई है, जो वैश्विक दर 8.3 प्रतिशत से दोगुने से भी अधिक है।

अपने संबोधन के समापन पर, स्वास्थ्य मंत्री ने स्नातक छात्रों से अनुरोध किया कि वे शिक्षा और अनुसंधान में सक्रिय रूप से योगदान दें, और अपने पेशेवर और नैतिक आचरण में उत्कृष्टता के माध्यम से एम्स की प्रतिष्ठित विरासत और ब्रांड को बनाए रखें।

उन्होंने छात्रों को आजीवन शिक्षार्थी और नवप्रवर्तक बने रहने, चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और समाज की सेवा के लिए समर्पित रहने के लिए प्रोत्साहित किया।  

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