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NMC: राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन, छात्रों की आत्महत्या से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए उठाया गया कदम
Tue, 27 Feb 2024 04:48 PM IST
श्वेता महतो
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता महतो
Updated Tue, 27 Feb 2024 04:48 PM IST
सार
टास्क फोर्स मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या पर मौजूदा जानकारी और डेटा का अध्ययन करेगी, इन चुनौतियों में योगदान देने वाले सभी कारणों का विश्लेषण करेगी और आत्महत्या से बचाव के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों का प्रस्ताव करेगी।
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नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC)
- फोटो : NMC
विस्तार
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग ने राष्ट्रीय टास्क फोर्स का गठन किया है। इसका उद्देश्य मेडिकल छात्रों के बीच अवसाद और आत्महत्या से संबंधित चिंताओं को दूर करना है। इस टास्क फोर्स में 15 लोग शामिल है। और अध्यक्ष के रूप में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो-साइंसेज (NIMHANS) के मनोचिकित्सा विभाग में प्रोफेसर डॉ. बी.एम. सुरेश शामिल हैं।
21 फरवरी को जारी एक आदेश में कहा गया, "हाल के दिनों में मेडिकल छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य चिंता का विषय रहा है, जिसके कारण मेडिकल छात्र अवसाद और आत्महत्या के लिए प्रेरित हुए हैं। इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की रैगिंग विरोधी समिति द्वारा एक राष्ट्रीय कार्य बल का गठन किया गया है।"
टास्क फोर्स मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या पर मौजूदा जानकारी और डेटा का अध्ययन करेगी, इन चुनौतियों में योगदान देने वाले सभी कारणों का विश्लेषण करेगी और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और आत्महत्या से बचाव के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों का प्रस्ताव करेगी।
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टास्क फोर्स 31 मई, 2024 तक मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख निष्कर्षों और कार्रवाई योग्य सिफारिशों को जाहिर करते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। और टास्क फोर्स मासिक प्रगति रिपोर्ट एंटी-रैगिंग सेल को सौंपेगी।
टास्क फोर्स अपने अधिदेश को पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार वर्चुअल या व्यक्तिगत रूप से नियमित बैठकें आयोजित करेगी। इसके अतिरिक्त, समितियां उन मेडिकल कॉलेजों का भी दौरा कर सकती हैं जहां आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं।
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21 फरवरी को जारी एक आदेश में कहा गया, "हाल के दिनों में मेडिकल छात्रों का मानसिक स्वास्थ्य चिंता का विषय रहा है, जिसके कारण मेडिकल छात्र अवसाद और आत्महत्या के लिए प्रेरित हुए हैं। इस मुद्दे को संबोधित करने के लिए, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) की रैगिंग विरोधी समिति द्वारा एक राष्ट्रीय कार्य बल का गठन किया गया है।"
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टास्क फोर्स मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्महत्या पर मौजूदा जानकारी और डेटा का अध्ययन करेगी, इन चुनौतियों में योगदान देने वाले सभी कारणों का विश्लेषण करेगी और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार और आत्महत्या से बचाव के लिए साक्ष्य-आधारित रणनीतियों का प्रस्ताव करेगी।
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टास्क फोर्स 31 मई, 2024 तक मेडिकल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए प्रमुख निष्कर्षों और कार्रवाई योग्य सिफारिशों को जाहिर करते हुए एक व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी। और टास्क फोर्स मासिक प्रगति रिपोर्ट एंटी-रैगिंग सेल को सौंपेगी।
टास्क फोर्स अपने अधिदेश को पूरा करने के लिए आवश्यकतानुसार वर्चुअल या व्यक्तिगत रूप से नियमित बैठकें आयोजित करेगी। इसके अतिरिक्त, समितियां उन मेडिकल कॉलेजों का भी दौरा कर सकती हैं जहां आत्महत्या की घटनाएं सामने आई हैं।
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