NMC: अब पंचिंग मशीन से नहीं, मोबाइल से लगेगी मेडिकल कॉलेजों में हाजिरी; एमबीबीएस की सीटों में भी हुई बढ़ोतरी
NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने 1 अक्तूबर से मेडिकल कॉलेजों में क्यूआर कोड आधारित फेसियल अटेंडेंस डिवाइस बंद करने का निर्देश दिया है। अब फैकल्टी को FACE आधारित मोबाइल आधार ऑथेंटिकेशन ऐप से ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी। एनएमसी ने 7,375 नई एमबीबीएस सीटें भी जोड़ी हैं।
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NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को निर्देश दिया है कि वे 1 अक्तूबर से फेसियल क्यूआर कोड आधारित अटेंडेंस डिवाइस का उपयोग बंद कर दें। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अब सभी फैकल्टी सदस्यों को FACE-आधारित मोबाइल आधार ऑथेंटिकेशन ऐप से ही उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
एनएमसी ने कहा कि हर फैकल्टी सदस्य के मोबाइल फोन पर यह ऐप इंस्टॉल होना चाहिए और उन्हें इसकी प्रक्रिया की पूरी जानकारी भी होनी चाहिए।
आयोग ने अपने आदेश में लिखा है, “1 अक्तूबर से क्यूआर कोड आधारित वॉल-माउंटेड अटेंडेंस डिवाइस बंद कर दिए जाएंगे। सभी कॉलेज यह सुनिश्चित करें कि फैकल्टी सदस्य मोबाइल ऐप से उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया से परिचित हों।”
- 1 अक्तूबर से QR कोड आधारित फेसियल अटेंडेंस सिस्टम बंद होगा।
- अब सभी फैकल्टी को FACE-आधारित मोबाइल आधार ऑथेंटिकेशन ऐप से उपस्थिति दर्ज करनी होगी।
- कॉलेजों को पुराने डिवाइस हटाने और ऐप की सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
- एनएमसी ने पहले ही फैकल्टी को ऐप इंस्टॉल करने और उपयोग करने का निर्देश दिया था।
एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स में बड़ा बदलाव
इसी बीच एनएमसी ने शैक्षणिक सत्र 2025–26 के लिए एमबीबीएस सीट मैट्रिक्स भी संशोधित किया है। आयोग ने बताया कि इस बार 7,375 नई एमबीबीएस सीटें जोड़ी गई हैं, जबकि 456 सीटें घटाई गई हैं। इस संशोधन के बाद पूरे देश में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या बढ़कर 1,24,825 हो गई है।
नए मेडिकल कॉलेजों को मंजूरी, पुराने संस्थानों में सीट बढ़ोतरी और अदालत में लंबित मामलों के निपटारे के बाद यह संशोधित सीट मैट्रिक्स जारी किया गया है।
एनएमसी ने साफ किया है कि नीट यूजी काउंसलिंग के दौरान कोई भी सीट अगर आधिकारिक स्वीकृत सीट मैट्रिक्स से मेल नहीं खाती, तो वह अमान्य मानी जाएगी। कॉलेजों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे केवल स्वीकृत सीटों पर ही दाखिला दें, ताकि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
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