KIIT: छात्रा की मौत पर नेपाल की संसद ने की भारत से उच्च स्तरीय बातचीत की मांग; तीन महीनों में यह दूसरा मामला
KIIT: केआईआईटी में पिछले तीन महीनों नेपाली छात्रा की मौत का दूसरा मामला सामने आया। नेपाल की संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) ने सोमवार को देश की सरकार से भारत के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता करने की मांग की है, ताकि मामले की जांच हो सके।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
Nepali Student Death: नेपाल की संसद के निचले सदन (प्रतिनिधि सभा) ने सोमवार को देश की सरकार से भारत के साथ उच्च स्तरीय कूटनीतिक वार्ता करने की मांग की है, ताकि ओडिशा के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में पढ़ने वाली नेपाली छात्रा की मौत की जांच की जा सके। इससे एक दिन पहले नेपाल की संसद के ऊपरी सदन (नेशनल असेंबली) ने भी इसी प्रकार की सिफारिश सरकार को दी थी।
प्रतिनिधि सभा के अध्यक्ष देवराज घिमिरे ने सोमवार को सरकार को यह निर्देश जारी किया कि वह भारत सरकार से इस विषय में उच्च स्तरीय संवाद शुरू करे।
उन्होंने कहा, “ओडिशा, भारत में कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में पढ़ने वाली नेपाली छात्रा प्रीसा साह की मौत के विषय में माननीय सदस्यों द्वारा तत्काल ध्यानाकर्षण में उठाई गई चिंता पर सदन की गंभीर नजर है। पढ़ाई के लिए विदेश गए छात्रों की एक के बाद एक रहस्यमय मौतें, देश की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है। मैं सरकार को निर्देश देता हूं कि वह इस मामले में गहरी रुचि ले और भारत सरकार के साथ उच्चतम स्तर पर कूटनीतिक संवाद शुरू करे, ताकि सच्चाई सामने आ सके और मृतका के परिवार को आवश्यक कानूनी सहायता मिल सके।”
तीन महीनों में नेपाली छात्रा की मौत का दूसरा मामला
मृतका प्रिसा साह, कंप्यूटर साइंस की पहली वर्ष की बीटेक छात्रा थी। वह मई के मध्य में छुट्टी के लिए नेपाल लौटने की योजना बना रही थी, लेकिन 1 मई को वह अपने हॉस्टल के कमरे में मृत पाई गई। केआईआईटी में यह पिछले तीन महीनों में किसी नेपाली महिला छात्रा की दूसरी मौत है।
इससे पहले, इसी वर्ष 16 फरवरी को उसी विश्वविद्यालय में एक और नेपाली छात्रा प्रकृति लाम्साल हॉस्टल में मृत पाई गई थी। इस घटना के बाद नेपाली छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया था। छात्रों का आरोप था कि मृतका को एक सहपाठी द्वारा परेशान किया गया था और कॉलेज प्रशासन को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। बाद में, आरोपी छात्र को 17 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया गया।
केआईआईटी में पढ़ते हैं लगभग 1200 नेपाली छात्र: नेपाल के पूर्व शिक्षा मंत्री देवेंद्र पौडेल
नेपाल के पूर्व शिक्षा मंत्री देवेंद्र पौडेल ने कहा, “पहले प्रकृति लाम्साल की मौत हुई थी। हम उस सदमे से उभरे भी नहीं थे कि अब एक और नेपाली छात्रा की असमय मौत ने हमें झकझोर दिया है। ओडिशा के KIIT में बीटेक की पहली वर्ष की छात्रा प्रिसा साह को अपनी जान गंवानी पड़ी। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और उनके परिवार के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। उन्होंने उसी दिन दोपहर करीब 3 बजे अपने पिता से फोन पर बात की थी, लेकिन शाम को उन्होंने अपनी जान ले ली। लगभग 1200 नेपाली छात्र उस विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे हैं। सवाल यह है कि क्या यह महज संयोग है या इसके पीछे कुछ और कारण हैं? मैं इस मामले की गंभीर जांच की मांग करता हूं।”
स्वतंत्र सांसद अमरेश कुमार सिंह ने भी नेपाल सरकार और विदेश मंत्रालय से इस मामले में कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा, “यह कोई संयोग नहीं है। तीन महीने पहले भी बुटवल की एक छात्रा, प्रकृति लाम्साल के साथ ऐसा ही हुआ था। उस समय सरकार ने तत्परता दिखाई थी, लेकिन अब जब छात्रा मधेश की है, सरकार चुप क्यों है? मैं सरकार और विदेश मंत्रालय से पूछना चाहता हूं, क्या विदेशों में बसे अपने नागरिकों की सुरक्षा और चिंता करना उनकी जिम्मेदारी नहीं है? दुनिया के किसी भी कोने में हो, मैं इस मामले में न्यायिक जांच की मांग करता हूं। आखिर क्यों हमारी बेटियों को इसी विश्वविद्यालय में बार-बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है और वे जान देने को मजबूर हो जाती हैं?”
मामले पर भारत सरकार का रूख
भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (MEA) ने 2 मई को नेपाली छात्रा की मौत पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि ओडिशा सरकार मृतका के परिवार को पूरा सहयोग दे रही है और राज्य पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है।
विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, “हम ओडिशा के केआईआईटी विश्वविद्यालय की नेपाली छात्रा की दुखद मौत से अत्यंत दुखी हैं। हम इस कठिन समय में पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं।”
बयान में आगे कहा गया, “जैसे ही हमें इस दुखद घटना की जानकारी मिली, विदेश मंत्रालय लगातार ओडिशा राज्य सरकार के संपर्क में है। राज्य सरकार मृतका के परिवार को पूरा सहयोग दे रही है और इस समय ओडिशा पुलिस द्वारा विस्तृत जांच की जा रही है।”
भारत सरकार ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा, संरक्षा और भलाई उसकी प्राथमिकता है। “भारत सरकार सभी अंतरराष्ट्रीय छात्रों की सुरक्षा और भलाई को अत्यंत गंभीरता से लेती है। हम नेपाली अधिकारियों, ओडिशा राज्य सरकार और केआईआईटी प्रबंधन के साथ इस मामले में लगातार संपर्क और समन्वय बनाए हुए हैं।”
कमेंट
कमेंट X