NEET UG Counselling 2025: एमसीसी ने तीसरे राउंड में जोड़ीं नई सीटें; चॉइस फिलिंग की आखिरी तारीख 16 अक्तूबर
NEET UG 2025: एमसीसी ने नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे राउंड की चॉइस फिलिंग की आखिरी तारीख को एक बार फिर से बढ़ा दिया है। नई सीटें जुड़ने से छात्रों को अपनी पसंद फिर से तय करने का मौका मिला। सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 18 अक्तूबर को आएगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
NEET UG Counselling Round 3: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने नीट यूजी काउंसलिंग के तीसरे राउंड के लिए चॉइस फिलिंग की तारीख एक बार फिर से बढ़ा दी है। पहले यह प्रक्रिया जल्दी खत्म होने वाली थी, लेकिन अब नई सीटें जोड़े जाने के बाद इसकी डेडलाइन 16 अक्तूबर 2025 शाम 4 बजे तक बढ़ा दी गई है। नया शेड्यूल एमसीसी की ऑफिशियल वेबसाइट mcc.nic.in पर जारी किया गया है।
बढ़ी हुई तारीख से छात्रों को अपने विकल्प दोबारा चेक करने और जरूरत हो तो उन्हें बदलने का मौका मिल रहा है। उम्मीदवार अपनी पसंद और पिछले राउंड के रिजल्ट को ध्यान में रखते हुए सीटों का चयन कर सकते हैं। संशोधित कार्यक्रम के अनुसार, तीसरे राउंड का सीट अलॉटमेंट रिजल्ट 18 अक्तूबर 2025 को जारी किया जाएगा।
NEET UG Round 3: जोड़ीं गई सीटें
एमसीसी ने काउंसलिंग के तीसरे राउंड में एमबीबीएस की नई सीटें जोड़ी हैं। इसमें आठ सीटें ऑटोनोमस स्टेट मेडिकल कॉलेज अमेठी में, आठ सीटें रामपुरहट गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज पश्चिम बंगाल में और जे.आर मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल तमिलनाडु में डीम्ड कोटा की 50 सीटें शामिल हैं।
NEET UG Round 3 Choice Filling: च्वॉइस फिलिंग की प्रक्रिया
- सबसे पहले एमसीसी की वेबसाइट पर जाएं और अपने एप्लिकेशन नंबर और पासवर्ड से लॉग इन करें।
- लॉग इन करने के बाद उपलब्ध कॉलेजों और कोर्स की लिस्ट ध्यान से देखें।
- कॉलेज चुनते वक्त उसकी लोकेशन, रैंकिंग और अपनी पसंद को ध्यान में रखें।
- चॉइस को सही क्रम में लगाएं ताकि पसंदीदा कॉलेज मिलने की संभावना बढ़ सके।
सभी विकल्प चुनने के बाद उन्हें सेव और लॉक करना जरूरी है। यह काम 16 अक्तूबर शाम 4 बजे से पहले कर लें, नहीं तो आपकी चॉइस आगे की प्रोसेस में शामिल नहीं होगी।
काउंसलिंग में शामिल कॉलेज
नीट यूजी के जरिए देशभर के कई मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। इसमें शामिल हैं:
- ऑल इंडिया कोटा (AIQ) के तहत सरकारी मेडिकल कॉलेजों की 15% सीटें, जो सभी राज्यों के छात्रों के लिए खुली होती हैं।
- सेंट्रल यूनिवर्सिटीज, जो नीट स्कोर के आधार पर एमसीसी के जरिए एडमिशन देती हैं।
- डीम्ड यूनिवर्सिटीज, जहां एडमिशन मैनेजमेंट या सेंट्रल काउंसलिंग प्रक्रिया के तहत होता है।
देश के टॉप संस्थान जैसे एम्स (ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) और जिपमेर (जवाहरलाल इंस्टिट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च) भी इस काउंसलिंग में शामिल हैं।
सीट मिलने के बाद छात्रों को क्या करना चाहिए?
- अलॉट हुई सीट को स्वीकार करते हुए जरूरी फीस जमा करें।
- तय समय सीमा में कॉलेज में जाकर रिपोर्ट करें।
- सभी जरूरी दस्तावेज़ जैसे नीट स्कोरकार्ड, अलॉटमेंट लेटर और आईडी प्रूफ साथ लेकर जाएं।
- अगर सीट पसंद नहीं आई है, तो अगले राउंड में शामिल होने का विकल्प भी रहता है।
कमेंट
कमेंट X