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NEET 2024: नीट रिजल्ट में हुआ राज्य के छात्रों के साथ अन्याय, महाराष्ट्र सरकार का आरोप; दोबारा परीक्षा की मांग

Sat, 08 Jun 2024 12:57 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Sat, 08 Jun 2024 12:57 PM IST
सार

NEET Result: महाराष्ट्र सरकार ने पिछले महीने हुई नीट परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि इसके नतीजों ने राज्य के छात्रों के साथ अन्याय किया है। हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने किसी भी अनियमितता से इनकार किया है।

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NEET UG 2024: Maharashtra govt alleges injustice to state students in NEET exam result; seeks its cancellation
NEET Result - फोटो : Amar ujala graphics

विस्तार

NEET UG 2024: देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का रिजल्ट जारी होने के बाद से ही इसमें गड़बड़ी के आरोपों को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। एनटीए पर गलत रिजल्ट तैयार करने के आरोप लग रहे हैं, साथ ही परीक्षा को रद्द कर दोबारा आयोजित कराने की मांग भी उठ रही है। इसी कड़ी में महाराष्ट्र सरकार ने भी पिछले महीने हुई नीट परीक्षा को तत्काल रद्द करने की मांग की है। आरोप लगाया गया है कि इसके नतीजों ने राज्य के छात्रों के साथ अन्याय किया है।

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571 शहरों में 4,750 केंद्रों पर 5 मई को आयोजित राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) के कई उम्मीदवारों ने पहले आरोप लगाया था कि अंकों में वृद्धि के कारण रिकॉर्ड 67 उम्मीदवारों ने शीर्ष स्थान प्राप्त किया है, जिसमें हरियाणा के एक ही परीक्षा केंद्र से छह उम्मीदवार शामिल हैं। परीक्षा के नतीजे 4 जून को घोषित किए गए थे।
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हालांकि, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) ने किसी भी अनियमितता से इनकार किया और कहा कि छात्रों द्वारा उच्च अंक प्राप्त करने के पीछे एनसीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों में किए गए बदलाव और परीक्षा केंद्रों पर समय गंवाने के लिए ग्रेस मार्क्स जैसे कुछ कारण हैं।
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इस मुद्दे पर बात करते हुए महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री हसन मुश्रीफ ने शुक्रवार को कहा, "संभवतः पैसे लेकर नीट परीक्षा आयोजित की गई थी। परिणाम ऐसे हैं कि महाराष्ट्र का कोई भी छात्र राज्य के सरकारी या निजी कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स में प्रवेश नहीं ले पाएगा।" उन्होंने कहा कि कई छात्रों के माता-पिता ने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए उनसे संपर्क किया है।

उन्होंने कहा, "इससे (परिणामों से) महाराष्ट्र के साथ अन्याय हुआ है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। हम इस बारे में एनएमसी (राष्ट्रीय चिकित्सा परिषद) को बताने जा रहे हैं।" 

मुश्रीफ ने कहा कि सरकार इस मुद्दे पर अदालत जाने पर भी विचार कर रही है। नीट-यूजी बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस), बैचलर ऑफ डेंटल सर्जरी (बीडीएस), बैचलर ऑफ आयुर्वेद, मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएएमएस), बैचलर ऑफ सिद्ध मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएसएमएस), बैचलर ऑफ यूनानी मेडिसिन एंड सर्जरी (बीयूएमएस) और बैचलर ऑफ होम्योपैथिक मेडिसिन एंड सर्जरी (बीएचएमएस) और बीएससी (एच) नर्सिंग कोर्स में प्रवेश के लिए योग्यता प्रवेश परीक्षा है। 

देश में 540 से अधिक मेडिकल कॉलेजों में 80,000 से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर पहले भी सरकार पर निशाना साधा है।

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने शुक्रवार को छात्रों की "वैध शिकायतों" का जांच के माध्यम से समाधान करने का आह्वान किया, "पहले नीट परीक्षा का पेपर लीक हुआ और अब छात्रों का आरोप है कि इसके नतीजों में भी घोटाला हुआ है। एक ही केंद्र के 6 छात्रों को 720 में से 720 अंक मिलने पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं और कई तरह की अनियमितताएं सामने आ रही हैं।"

गांधी ने कहा कि नतीजे घोषित होने के बाद देश भर में कई बच्चों के आत्महत्या करने की खबरें आ रही हैं और पूछा, "सरकार लाखों छात्रों की आवाज को क्यों नजरअंदाज कर रही है? छात्र नीट परीक्षा परिणामों में धांधली से जुड़े वैध सवालों के जवाब चाहते हैं।"

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने भी किया विरोध

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने भी नीट का विरोध करते हुए कहा कि प्रवेश परीक्षा सामाजिक न्याय और संघवाद के खिलाफ है।

उन्होंने कहा, "प्रश्न-पत्र लीक होना, टॉपर्स का विशिष्ट केंद्रों पर समूह बनाना, तथा ग्रेस मार्क्स की आड़ में ऐसे अंक प्रदान करना - जो गणितीय रूप से असंभव हैं - वर्तमान केंद्र सरकार के केंद्रीकरण के नुकसान को उजागर करते हैं। उन्होंने कहा कि ये घटनाएं व्यावसायिक पाठ्यक्रम चयन के लिए मानदंड निर्धारित करने में राज्य सरकारों और स्कूल शिक्षा प्रणाली की भूमिका की प्रमुखता को बहाल करने की आवश्यकता पर बल देती हैं।"

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