फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   NEET PG: Supreme Court reprimands MCC, asked- What will you get by leaving 1456 seats vacant

नीट-पीजी : सुप्रीम कोर्ट ने एमसीसी को लगाई फटकार, पूछा- 1456 सीटें खाली छोड़ने से आपको क्या मिलेगा?

Thu, 09 Jun 2022 06:21 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: योगेश साहू Updated Thu, 09 Jun 2022 06:21 AM IST
सार

स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसने नीट-पीजी 21 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के चार राउंड कराए थे और सॉफ्टवेयर बंद होने के चलते वह काउंसलिंग का विशेष स्ट्रे राउंड कराकर 1456 खाली सीटों को नहीं भर सकता है।

विज्ञापन
NEET PG: Supreme Court reprimands MCC, asked- What will you get by leaving 1456 seats vacant
सुप्रीम कोर्ट - फोटो : amar ujala

विस्तार

सुप्रीम कोर्ट ने नीट-पीजी में 1456 सीटों के खाली रहने पर नाराजगी जताते हुए मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (एमसीसी) से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि ऐसा करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस अनिरुद्ध बोस की अवकाशकालीन पीठ ने उस याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें ऑल इंडिया कोटा सीटों के लिए आयोजित स्ट्रे वेकेंट राउंड के बाद बची सीटों के लिए उम्मीदवारों को विशेष स्ट्रे राउंड काउंसलिंग में भाग लेने की अनुमति देने की मांग की गई है। 
विज्ञापन


याचिका उन डॉक्टरों द्वारा दायर की गई है जो नीट-पीजी 2021 में शामिल हुए थे और ऑल इंडिया कोटा (एआईक्यू) काउंसलिंग के राउंड 1 व 2 और स्टेट कोटा काउंसलिंग में हिस्सा लिया था। इसके बाद वे ऑल इंडिया मॉप अप और स्टेट मॉप अप राउंड में भी शामिल हुए थे।
विज्ञापन


सीटों को बढ़ाने से बढ़ जाती भ्रष्टाचार की संभावना
पीठ ने कहा कि काउंसिलिंग के बीच में आप सीटों को क्यों जोड़ रहे हैं? एक कट ऑफ होना चाहिए कि कितनी सीटों पर प्रवेश दिया जाना है। सीटों को बढ़ाने से भ्रष्टाचार की संभावना बढ़ जाती है। इसके बाद एमसीसी के वकील ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) के उपलब्ध नहीं होने की बात कही और सभी परिस्थितियों को स्पष्ट करने के लिए हलफनामा दाखिल करने के लिए एक दिन का समय मांगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


nपीठ ने वकील को 24 घंटे में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश देते हुए सुनवाई बृहस्पतिवार के लिए टाल दी। साथ ही पीठ ने कहा, ये मेडिकल छात्रों के अधिकारों से जुड़ा महत्वपूर्ण मामला हैं। केंद्र सरकार को किसी एक एएसजी द्वारा नहीं चलाया जाता है।


सॉफ्टवेयर के बंद होने से नहीं कराया जा सकता काउंसलिंग का एक और राउंड : डीजीएचएस
स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय (डीजीएचएस) ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि उसने नीट-पीजी 21 के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग के चार राउंड कराए थे और सॉफ्टवेयर बंद होने के चलते वह काउंसलिंग का विशेष स्ट्रे राउंड कराकर 1456 खाली सीटों को नहीं भर सकता है। डीजीएचएस ने कहा कि याचिकाकर्ताओं की मांग काफी देरी से है क्योंकि यह आगामी नीट-पीजी 22 के लिए काउंसलिंग की पूरी प्रक्रिया को बाधित करेगी। दो अकादमिक सत्रों के लिए काउंसलिंग के साथ नहीं चलाई जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के मुताबिक चार राउंड कराए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed