NEET PG 2025: नीट पीजी की कटऑफ हुई कम, हजारों उम्मीदवारों को मिला दाखिले का नया मौका
NEET PG 2025: एनबीईएमएस ने केंद्र सरकार के निर्देश पर नीट पीजी की कटऑफ में भारी कमी की है। जनरल, पीडब्ल्यूडी और एससी/एसटी/ओबीसी श्रेणियों को बड़ी राहत मिली है। इस फैसले से अधिक उम्मीदवार तीसरे राउंड और स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग में भाग ले सकेंगे और खाली पीजी सीटें भरने में मदद मिलेगी।
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NEET PG 2025 Cut Off: मेडिकल पोस्ट-ग्रेजुएशन (MD/MS/Diploma) में दाखिले की तैयारी कर रहे डॉक्टरों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) ने केंद्र सरकार के निर्देशों के बाद नीट पीजी 2025 की कटऑफ में उल्लेखनीय कटौती की है। इस फैसले से उन अभ्यर्थियों को खास फायदा होगा, जो अब तक काउंसलिंग की दौड़ से बाहर हो चुके थे।
संशोधित कटऑफ से किसे मिला लाभ?
कटऑफ घटाए जाने के बाद अब बड़ी संख्या में उम्मीदवार काउंसलिंग के तीसरे राउंड और स्ट्रे वैकेंसी राउंड में हिस्सा लेने के योग्य हो गए हैं। एनबीईएमएस द्वारा जारी संशोधित मानकों के अनुसार अलग-अलग श्रेणियों के लिए पात्रता में भारी ढील दी गई है, जिससे मेडिकल कॉलेजों में खाली सीटों को भरने का रास्ता साफ हुआ है।
- सामान्य और ईडब्ल्यूएस श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए पहले 50वें पर्सेंटाइल पर निर्धारित कटऑफ को घटाकर 7 पर्सेंटाइल कम कर दिया गया है। इसके तहत अब इन वर्गों के लिए कटऑफ स्कोर 103 निर्धारित किया गया है।
- जनरल पीडब्ल्यूडी श्रेणी के अभ्यर्थियों को भी राहत दी गई है, जहां 45वें पर्सेंटाइल के बजाय अब 5 पर्सेंटाइल कम कटऑफ लागू किया गया है, जिससे स्कोर 90 हो गया है।
- एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए पात्रता मानकों में सबसे बड़ी छूट दी गई है। इन श्रेणियों के लिए अब 0 पर्सेंटाइल पर भी एडमिशन संभव होगा, जिसका कटऑफ स्कोर -40 तय किया गया है।
| श्रेणी | न्यूनतम पात्रता मानदंड (NEET-PG 2025 सूचना पुस्तिका के अनुसार) | कट-ऑफ स्कोर (800 में से) | संशोधित न्यूनतम पात्रता (स्वास्थ्य मंत्रालय के आदेश के अनुसार) | संशोधित कट-ऑफ स्कोर (800 में से) |
|---|---|---|---|---|
| सामान्य/ईडब्ल्यूएस | 50वां पर्सेंटाइल | 276 | 7वां पर्सेंटाइल | 103 |
| सामान्य पीडब्ल्यूबीडी | 45वां पर्सेंटाइल | 255 | 5वां पर्सेंटाइल | 90 |
| एससी/एसटी/ओबीसी (पीडब्ल्यूबीडी सहित) | 40वां पर्सेंटाइल | 235 | 0वां पर्सेंटाइल | -40 |
कटऑफ घटाने की जरूरत क्यों पड़ी?
दरअसल हर साल नीट पीजी काउंसलिंग के पहले और दूसरे राउंड के बाद भी देशभर के मेडिकल कॉलेजों में कई क्लीनिकल और नॉन-क्लीनिकल सीटें खाली रह जाती हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियों की प्राथमिकता है कि पीजी की कोई भी सीट खाली न जाए, ताकि स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक विशेषज्ञ डॉक्टर मिल सकें।
इसके अलावा तीसरे राउंड की काउंसलिंग में हो रही देरी का एक बड़ा कारण कटऑफ संशोधन की प्रक्रिया भी थी। अब संशोधित कटऑफ जारी होने के बाद मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) द्वारा जल्द ही आगे का शेड्यूल जारी किए जाने की संभावना है।
काउंसलिंग का अगला चरण
कटऑफ में कमी के बाद अब काउंसलिंग प्रक्रिया दोबारा तेज होने की उम्मीद है। वे उम्मीदवार जो पहले न्यूनतम अर्हता पूरी नहीं कर पा रहे थे, अब एमसीसी की आधिकारिक वेबसाइट mcc.nic.in पर जाकर नए सिरे से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।
इसके साथ ही मेडिकल काउंसलिंग कमेटी ने राउंड-1 और राउंड-2 की सीटों को छोड़ने (Resign) की सुविधा की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 15 जनवरी कर दिया है। इसका उद्देश्य यह है कि छोड़ी गई सीटें अगले राउंड के मुख्य पूल में शामिल हो सकें। माना जा रहा है कि संशोधित कटऑफ के बाद जल्द ही तीसरे राउंड की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
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