फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   NEET Paper Leak Centre Plans National Computer-Based Testing Infrastructure for Entrance Exams

नीट यूजी: अब कागज पर नहीं, कंप्यूटर पर? केंद्र ने शुरू की नई परीक्षा व्यवस्था की तैयारी, जानें क्या होगा बदलाव

Wed, 30 Sep 2026 12:32 PM IST
शिवम तिवारी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवम तिवारी Updated Wed, 30 Sep 2026 12:32 PM IST
सार

नीट प्रश्नपत्र लीक के बाद केंद्र सरकार प्रवेश परीक्षाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर की कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था तैयार कर रही है। जानें नीट को ऑनलाइन कराने की योजना, प्रस्तावित परीक्षा ढांचा और नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले कार्यबल की भूमिका।
 

विज्ञापन
NEET Paper Leak Centre Plans National Computer-Based Testing Infrastructure for Entrance Exams
नीट परीक्षा का बदलेगा तरीका? - फोटो : AI Generated

विस्तार

नीट प्रश्नपत्र लीक की घटना के बाद केंद्र सरकार प्रवेश परीक्षाओं की व्यवस्था में बदलाव की दिशा में काम कर रही है। शिक्षा मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर ऐसी कंप्यूटर आधारित परीक्षा व्यवस्था तैयार करने पर विचार कर रहा है, जिससे कागज और कलम से होने वाली परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम में स्थानांतरित किया जा सके। इसका प्रमुख उद्देश्य परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता और परीक्षा प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना है।
विज्ञापन


शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा के लिए उपयुक्त कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार किया जा रहा है। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता से जुड़ी समस्या को कम करने, केंद्रों की आवश्यक सुविधाओं को एक समान बनाने और कागज आधारित परीक्षाओं को कंप्यूटर आधारित परीक्षा में बदलने की व्यवस्था शामिल होगी।
विज्ञापन

नीट कब से ऑनलाइन हो सकती है?

नीट अभी तक कागज और कलम आधारित माध्यम से आयोजित होती रही है। प्रश्नपत्र लीक की घटना के बाद केंद्र ने घोषणा की थी कि अगले वर्ष से चिकित्सा प्रवेश परीक्षा को कंप्यूटर आधारित माध्यम में आयोजित किया जाएगा। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार अंतिम निर्णय परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए गठित कार्यबल की रिपोर्ट मिलने के बाद लिया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

नंदन नीलेकणि की भूमिका क्या है?

भारत की सार्वजनिक परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक कार्यबल गठित किया गया है। केंद्र सरकार नीट समेत प्रवेश परीक्षाओं में बदलाव पर अंतिम निर्णय लेने से पहले इस कार्यबल की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट में परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित और प्रभावी बनाने से जुड़े सुझाव शामिल होने की उम्मीद है।

कौन-कौन सी परीक्षाएं पहले से ऑनलाइन हैं?

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी कई प्रमुख परीक्षाओं का आयोजन पहले से ही कंप्यूटर आधारित माध्यम में करती है। इनमें संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य, साझा विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षा स्नातक और स्नातकोत्तर, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद विश्वविद्यालय अनुदान आयोग राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा शामिल हैं। ऐसे में नीट को भी इसी तरह की व्यवस्था में शामिल करने की योजना पर विचार किया जा रहा है।

सभी प्रवेश परीक्षाएं ऑनलाइन होंगी?

प्रस्तावित राष्ट्रीय कंप्यूटर आधारित परीक्षा ढांचा तैयार होने के बाद सभी प्रवेश परीक्षाओं को ऑनलाइन माध्यम में स्थानांतरित करने की योजना पर काम किया जा सकता है। हालांकि, यह प्रक्रिया परीक्षा के स्वरूप, तकनीकी सुविधाओं और उपलब्ध परीक्षा केंद्रों जैसे पहलुओं पर निर्भर करेगी। इसलिए अंतिम व्यवस्था आधिकारिक निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

परीक्षा केंद्रों की समस्या कैसे घटेगी?

प्रस्तावित ढांचे का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में परीक्षा केंद्रों की उपलब्धता के अंतर को कम करना है। इसके साथ ही परीक्षा केंद्रों के लिए आवश्यक कंप्यूटर, नेटवर्क, सुरक्षा और अन्य तकनीकी सुविधाओं के मानक तय किए जा सकते हैं। इससे विभिन्न केंद्रों पर परीक्षा संचालन के लिए समान स्तर की व्यवस्था विकसित करने में मदद मिल सकती है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में क्या बदलाव हो रहा है?

यह प्रस्ताव ऐसे समय सामने आया है जब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में भी व्यापक सुधार की प्रक्रिया चल रही है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परीक्षाओं का आयोजन करती है। नीट-स्नातक समेत इन परीक्षाओं की विश्वसनीयता और परीक्षा प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए परीक्षा व्यवस्था में सुधार पर जोर दिया जा रहा है।

उम्मीदवारों पर क्या असर पड़ेगा?

यदि नीट को कंप्यूटर आधारित माध्यम में आयोजित करने का निर्णय लागू होता है, तो उम्मीदवारों को परीक्षा देने की प्रक्रिया में बदलाव के अनुसार तैयारी करनी होगी। उन्हें कंप्यूटर आधारित परीक्षा के प्रारूप, स्क्रीन पर प्रश्न हल करने, उत्तर दर्ज करने और निर्धारित तकनीकी प्रक्रिया से परिचित होना पड़ सकता है। हालांकि, परीक्षा का अंतिम प्रारूप और विस्तृत दिशा-निर्देश आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होंगे।

अंतिम फैसला कब होगा?

नीट को ऑनलाइन कराने की योजना फिलहाल सक्रिय विचार के स्तर पर है। केंद्र सरकार नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता वाले कार्यबल की रिपोर्ट मिलने के बाद अंतिम निर्णय लेने की दिशा में आगे बढ़ेगी। इसलिए उम्मीदवारों को परीक्षा के माध्यम या प्रारूप को लेकर किसी भी अंतिम निष्कर्ष के बजाय शिक्षा मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी और नीट की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed