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NCERT Books Controversy: किताबों से गांधी-आरएसएस और हिंदू-मुस्लिम एकता के पाठ भी हटाए; एनसीईआरटी ने दी यह सफाई

Wed, 05 Apr 2023 05:18 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Wed, 05 Apr 2023 05:18 PM IST
सार

NCERT Books Controversy: एनसीईआरटी ने अपने सिलेबस से गुजरात दंगों, मुगल अदालतों, आपातकाल, शीत युद्ध, नक्सली आंदोलन पर सबक आदि को हआ दिया।  नई पाठ्यपुस्तकों में महात्मा गांधी से जुड़ीं कई अहम घटनाओं और प्रसंगों का भी कोई उल्लेख नहीं है।

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NCERT Books Controversy: NCERT drops texts on Gandhi, Hindu-Muslim unity, RSS ban from class 12 New Syllabus
महात्मा गांधी - फोटो : facebook

विस्तार

NCERT Books New Syllabus Controversy: गांधीजी की मृत्यु का देश में सांप्रदायिक स्थिति पर जादुई प्रभाव पड़ा, गांधी की हिंदू-मुस्लिम एकता की खोज ने हिंदू चरमपंथियों को उकसाया और आरएसएस जैसे संगठन पर कुछ समय के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया था। ये सब अब बीते जमाने के इतिहास की बातें होने वाली हैं।

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युवा पीढ़ी को ये सब बातें अब स्कूली किताबों में पढ़ने को नहीं मिलने वाली। क्योंकि इनसे जुड़े पाठ नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) के नए शैक्षणिक सत्र 2023-24 से आगे के लिए प्रस्तावित कक्षा 12वीं की राजनीति विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से गायब हैं। 

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यह भी पढ़ें : NCERT Books Controversy: किताबों में बदलाव पर भड़की कांग्रेस, रमेश-सिब्बल के आरोपों पर करंदलाजे ने किया पलटवार

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NCERT New Books: गुजरात दंगे, आपातकाल और नक्सली आंदोलन भी हटाए

एनसीईआरटी ने पिछले साल अपने सिलेबस रेशनलाइजेशन अभ्यास के हिस्से के रूप में, ओवरलैपिंग और अप्रासंगिक कारणों का हवाला देते हुए पाठ्यक्रम से कुछ हिस्सों को हटा दिया था जिसमें गुजरात दंगों, मुगल अदालतों, आपातकाल, शीत युद्ध, नक्सली आंदोलन पर सबक आदि शामिल थे। इसकी नई पाठ्यपुस्तकों में महात्मा गांधी से जुड़ी कई अहम घटनाओं और प्रसंगों का भी कोई उल्लेख नहीं है। हालांकि, एनसीईआरटी का दावा है कि इस साल पाठ्यक्रम में कोई कटौती नहीं की गई है और पिछले साल जून में पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बनाया गया था।

यह भी पढ़ें : NCERT New Syllabus: इतिहास की किताबों से मुगल साम्राज्य का सफाया, एनसीईआरटी ने सीपीआई और जनसंघ के पाठ भी हटाए

 

बदलाव पिछले साल हुए, इस साल कुछ नया नहीं : एनसीईआरटी

एनसीईआरटी के निदेशक दिनेश सकलानी ने कहा कि पूरी युक्तिकरण कवायद पिछले साल की गई थी, इस साल कुछ भी नया नहीं हुआ है। हालांकि, उन्होंने गायब अंशों पर कोई टिप्पणी नहीं की, जो युक्तिकरण के समय अप्रासंगिक बताए गए थे।

एनसीईआरटी ने अपनी वेबसाइट पर एक नोट में लिखा है कि कोविड-19 महामारी को देखते हुए, छात्रों पर सामग्री के बोझ को कम करना अनिवार्य महसूस किया गया। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 भी सामग्री के भार को कम करने और अनुभवात्मक रचनात्मक मानसिकता के साथ सीखने के अवसर प्रदान करने पर जोर देती है। इस पृष्ठभूमि में, एनसीईआरटी ने सभी कक्षाओं और सभी विषयों की पाठ्यपुस्तकों को युक्तिसंगत बनाने की कवायद शुरू की थी। 

 

पढ़ाई के बोझ और परीक्षा तनाव को कम करने का प्रयास : शिक्षा मंत्रालय

शिक्षा मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के अनुसार नए पाठ्यक्रम की रूपरेखा पर अभी भी काम किया जा रहा है और अद्यतन पाठ्यक्रम के अनुसार नई पाठ्यपुस्तकों को केवल 2024 शैक्षणिक सत्र से पेश किया जाएगा। वर्तमान संस्करण परिवर्तनों के बाद एक सुधारित संस्करण है। वर्तमान पाठ्यपुस्तकें तर्कसंगत पाठ्यपुस्तकें हैं। 

 

कोविड-19 महामारी के दौर में शुरू किया गया था प्रयास

इन्हें सत्र 2022-23 के लिए बदला गया था और 2023-24 में जारी रहेगा। तब कोविड-19 महामारी की मौजूदा स्थिति को देखते हुए पाठ्यक्रम के बोझ और परीक्षा के तनाव को कम करने के लिए युक्तिकरण की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जिसमें छात्रों के लिए आसानी से सुलभ विषय और बच्चों द्वारा स्व-शिक्षण या सहकर्मी शिक्षा और सामग्री के माध्यम से सीखा जा सकता है। वहीं, शिक्षकों के अधिक दखल और वर्तमान संदर्भ में अप्रासंगिक पाठ्यसामग्री को भी पाठ्यक्रम से हटा दिया गया था।  
 

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