50 साल पहले 19 जुलाई को बदल गई थी देश की बैंकिंग प्रणाली, इंदिरा ने किया था बड़ा फैसला
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19 जुलाई.. ये दिन भारत में बैंकिंग के इतिहास में बेहद अहम है। आज से ठीक 50 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक फैसले ने देश की पूरी बैंकिंग प्रणाली बदल दी थी। आज भी वह फैसला बैंकों को प्रभावित कर रहा है। 19 जुलाई 1969, जब इंदिरा गांधी ने 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था।
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19 जुलाई.. ये दिन भारत में बैंकिंग के इतिहास में बेहद अहम है। आज से ठीक 50 साल पहले तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के एक फैसले ने देश की पूरी बैंकिंग प्रणाली बदल दी थी। आज भी वह फैसला बैंकों को प्रभावित कर रहा है। 19 जुलाई 1969, जब इंदिरा गांधी ने 14 बड़े निजी बैंकों का राष्ट्रीयकरण किया था।
क्या होता है राष्ट्रीयकरण? इंदिरा ने क्यों लिया था ये फैसला? बैंकों के राष्ट्रीयकरण से देश पर क्या हुआ असर? 19 जुलाई को देश दुनिया में और कौन सी महत्वपूर्ण घटनाएं हुईं? इन सभी सवालों के जवाब हम आपको आगे बता रहे हैं...
क्या होता है राष्ट्रीयकरण?
भारत में कब-कब हुआ बैंकों का राष्ट्रीयकरण
- भारत में सबसे पहला राष्ट्रीयकृत बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) था। इसका राष्ट्रीयकरण 1955 में ही कर दिया गया था।
- फिर 1958 में एसबीआई के सहयोगी बैंकों को भी राष्ट्रीयकृत कर दिया गया।
- सबसे बड़े पैमाने पर बैंकों का राष्ट्रीयकरण 1969 में इंदिरा गांधी ने किया। 14 बड़े बैंकों का एक साथ राष्ट्रीयकरण हुआ।
- इसके बाद 1980 में राष्ट्रीयकरण का दौर चला। जब सात बैंकों को राष्ट्रीयकृत किया गया।
इन 14 बैंकों का इंदिरा ने किया था राष्ट्रीयकरण
- बैंक ऑफ इंडिया
- पंजाब नेशनल बैंक
- सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया
- इंडियन बैंक
- बैंक ऑफ बड़ौदा
- देना बैंक
- यूको बैंक
- सिंडिकेट बैंक
- केनरा बैंक
- ईलाहाबाद बैंक
- यूनाइटेड बैंक
- यूनियन बैंक ऑफ इंडिया
- इंडियन ओवरसीज बैंक
- बैंक ऑफ महाराष्ट्र
इंदिरा ने क्यों किया बैंकों का राष्ट्रीयकरण
- विशेषज्ञों के अनुसार, राष्ट्रीयकरण की मुख्य वजह बड़े व्यवसायिक बैंकों द्वारा अपनाई जाने वाली 'क्लास बैंकिंग' नीति थी। बैंक केवल धनपतियों को ही ऋण व अन्य बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध करवाते थे।
- इन बैंकों पर ज्यादातर बड़े औद्योगिक घरानों का आधिपत्य था।
- कृषि, लघु व मध्यम उधोगों, छोटे व्यापारियों को सरल शर्तों पर वित्तीय सुविधा देने, आम लोगों को बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीयकरण किया गया।
- आर्थिक तौर पर सरकार को लग रहा था कि कॉमर्शियल बैंक सामाजिक उत्थान की प्रक्रिया में सहायक नहीं हो रहे थे।
- विशेषज्ञों के अनुसार, उस समय देश के 14 बड़े बैंकों के पास देश की करीब 70 फीसदी पूंजी थी। लेकिन इनमें जमा पैसा सिर्फ उन्हीं क्षेत्रों में निवेश किया जा रहा था, जहां लाभ के अवसर ज्यादा थे।
- हालांकि कुछ जानकार इंदिरा के इस फैसले को राजनैतिक अवसरवादिता भी मानते हैं। उनके अनुसार, 1967 में जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री बनीं, तो पार्टी पर उनकी पकड़ मजबूत नहीं थी।
- कहा जाता है कि बैंकों के राष्ट्रीयकरण का प्रस्ताव रखने से लोगों में संदेश गया कि इंदिरा गरीबों के हक की लड़ाई लड़ने वाली प्रधानमंत्री हैं।
- जिस अध्यादेश के जरिए बैंकों के राष्ट्रीयकरण का प्रस्ताव लाया गया, उसका नाम था ‘बैंकिंग कंपनीज ऑर्डिनेंस’। बाद में इसी नाम से विधेयक पारित हुआ और कानून बना।
बैंकों के राष्ट्रीयकरण का देश पर क्या असर हुआ
- विशेषज्ञों का मानना है कि राष्ट्रीयकरण के बाद भारत के बैंकिंग क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति हुई है।
- 'क्लास बैंकिंग' की नीति 'मास बैंकिंग' मे बदल गई। यानी आम लोगों को भी ऋण और अन्य बैंकिंग सुविधाएं मिलने में आसानी हुई।
- ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों की शाखाओं का बड़े पैमाने पर और तेजी से विस्तार हुआ।
- आंकड़ों पर गौर करें, तो जुलाई 1969 में देश में बैंकों की कुल 8322 शाखाएं थीं। 1994 तक ये आंकड़ा 60 हजार से ज्यादा पहुंच गया।
- बैंकों के पास काफी मात्रा में पैसा इकट्ठा हुआ। जिसे कर्ज के रूप में दिया गया।
- छोटे उद्योग, कृषि और छोटे ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स जैसे क्षेत्रों को फायदा हुआ।
- सरकार ने राष्ट्रीय बैंकों को लोन पोर्टफोलियो में 40 फीसदी कृषि लोन की हिस्सेदारी का निर्देश दिया।
- बैंकों की शाखाएं बढ़ने से देश में इस क्षेत्र में रोजगार के मौके भी बढ़े।
19 जुलाई का इतिहास, जानें इस दिन देश-दुनिया में और क्या-क्या हुआ
1827 : भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत मंगल पांडे का जन्म।
1848 : न्यूयॉर्क के सिनिका फॉल्स में पहले महिला अधिकार सम्मेलन का आयोजन।
1870 : फ्रांस ने प्रशिया के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1900 : फ्रांस की राजधानी पेरिस में पहली मेट्रो रेल चली।
1940 : एडोल्फ हिटलर ने ग्रेट ब्रिटेन को आत्मर्समपण करने का आदेश दिया।
1974 : क्रांतिकारी उधम सिंह की अस्थियों को लंदन से नई दिल्ली लाया गया।
2001 : ताश, लिपस्टिक, नेल पॉलिश और शतरंज सहित 30 वस्तुओं का आयात अफगानिस्तान में प्रतिबंधित किया गया।
2003 : रूस के अंतरिक्ष यात्री यूरी माले थान्को अंतरिक्ष में शादी रचाने वाले पहले व्यक्ति बने।
2004 : तीन बार टाले जाने के बाद दुनिया के सबसे बड़े दूरसंचार उपग्रह को लेकर एरियन-5 फ्रेंच गुयाना के कोरू प्रक्षेपण केंद्र से रवाना।
2005 : पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अमेरिकी कांग्रेस को सम्बोधित किया।
2008 : अमेरिका ने प्रशांत महासागर में लक्ष्य निर्धारित कर लंबी दूरी तक वार करने में सक्षम मिसाइल का परीक्षण किया।
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