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Hindi News ›   Education ›   MOU for 45 New Private Universities in UP, CM Yogi Adityanath explains benifits 

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने बताया, क्यों यूपी में निजी विश्वविद्यालयों पर दिया जा रहा है जोर

Tue, 20 Aug 2019 11:19 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 20 Aug 2019 11:19 AM IST
सार

  • 45 निजी विवि की स्थापना के लिए सरकार ने किए एमओयू
  • मुख्यमंत्री ने गिनाए निजी विश्वविद्यालयों के लिए बने कानून के फायदे

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MOU for 45 New Private Universities in UP, CM Yogi Adityanath explains benifits 
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala

विस्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि नया कानून बनने के बाद प्रदेश में नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के रास्ते खुलेंगे। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से प्रदेश में रोजगार के ज्यादा अवसर बढ़ेंगे। सरकार का फोकस युवाओं को गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने पर है, इसलिए निजी विवि की स्थापना को प्रोत्साहित करने पर खास ध्यान दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने 45 निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए एमओयू किए हैं।

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मुख्यमंत्री ने सोमवार को ‘अमर उजाला’ के साथ बातचीत में कहा, मॉनसून सत्र में विधानमंडल से पारित विधेयक के जरिये सभी निजी विश्वविद्यालयों को एक छतरी के नीचे लाया गया है। प्रदेश में ज्यादा से ज्यादा निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हो, इसके लिए निवेशकों को सरकार हर तरह की सहूलियत दे रही है। विधेयक में इस बात का विशेष ध्यान रखा गया है कि निजी विश्वविद्यालयों के संचालन में सरकार की कम से कम दखल रहे। 
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सरकार के इस कदम से जहां निजी विश्वविद्यालयों के बीच गुणवत्तायुक्त शिक्षा के लिए प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, वहीं रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। नए विश्वविद्यालयों में शिक्षकों व शिक्षणेतर कर्मचारियों को रोजगार मिलेगा।

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सरकारी खरीद-फरोख्त सिर्फ जेम पोर्टल से करें
योगी ने कहा कि सरकारी विभागों में जेम पोर्टल के जरिये ही खरीद-फरोख्त अनिवार्य किया गया है। इससे पारदर्शिता रहेगी और भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म होगी। 
सीएम ने कहा कि हाल ही में जेम पोर्टल से सरकारी वाहनों की खरीद की गई है। इसमें प्रति वाहन सात लाख रुपये बचे। टेंडर में जिन वाहनों की कीमत 21 लाख रुपये थी, वही जेम पोर्टल के जरिये महज 14 लाख रुपये में खरीदे गए हैं। सभी विभागों को सख्त हिदायत दी गई है कि कोई भी खरीदारी जेम पोर्टल के जरिये ही की जाए।

ई-टेंडरिंग से ही कराए जाएं निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए सभी कार्यों का आवंटन ई-टेंडरिंग से ही करने पर सरकार का जोर है। ऐसी शिकायतें मिल रही हैं कि कई जगह इसका पालन नहीं हो रहा है। ऐसे मामले संज्ञान में आने पर सरकार जिम्मेदार लोगों के खिलाफ  सख्त कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी। सरकारी चाहती है कि सभी कार्यों का आवंटन पारदर्शिता के साथ ई-टेंडर के माध्यम से ही हो।

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