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MHRD ने दी ये जरूरी जानकारी, CBSE शिक्षकों की सैलरी का खुला सच
Wed, 10 Jul 2019 04:41 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Wed, 10 Jul 2019 04:41 PM IST
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने सोमवार को लोकसभा को सूचित किया कि देश भर के सीबीएसई स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए एक सामान्य वेतन पैकेज लागू करने के लिए फिलहाल सरकार के पास कोई प्रस्ताव नहीं है। मंत्रालय ने सदस्य अनिल फिरोजिया द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सदन को सूचित किया कि राज्य सरकारों से भी इस संबंध में सलाह नहीं ली गई है।
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5 मई, 2019 तक केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड या CBSE के भारत में 21,271 स्कूल और इससे जुड़े 25 विदेशी देशों के 228 स्कूल हैं। आधिकारिक सीबीएसई के आंकड़ों के अनुसार, 1,138 केंद्रीय विद्यालय, 3,011 सरकारी या सहायता प्राप्त स्कूल, 16,741 स्वतंत्र स्कूल, 595 जवाहर नवोदय विद्यालय और 14 केंद्रीय तिब्बती स्कूल शामिल हैं। ये स्कूल भारत और विदेशों में करीब 1.25 करोड़ (या 12.5 मिलियन) छात्रों की शैक्षिक जरूरतों को पूरा करते हैं।
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स्वतंत्र स्कूलों को छोड़कर, अन्य सभी स्कूल संबंधित सरकारी एजेंसियों के वेतन पैकेज को फोलो करते हैं।
नागपुर स्थित सीबीएसई स्कूल स्टाफ वेलफेयर एसोसिएशन (सीएसएसडब्ल्यूए) के एक अधिकारी ने पिछले अक्टूबर में टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि "सीबीएसई स्पष्ट रूप से कहता है कि वेतन उनके राज्य सरकार के समकक्षों के बराबर होना चाहिए। लेकिन कुछ स्कूलों के अलावा वेतन की स्थति काफी खराब है। दो या तीन साल के अनुभव के बाद भी CBSE शिक्षकों को रु 10,000 और रु 15,000 प्रति माह के बीच वेतन दिए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
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