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Hindi News ›   Education ›   Medical Education Centre Working on Courts Suggestions to help Ukraine Returned Medical Students as per Advice

Medical Education: यूक्रेन से लौटे छात्रों की मदद के लिए ये कदम उठा रही सरकार, सुप्रीम कोर्ट में दिया जवाब

Fri, 23 Sep 2022 10:43 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Fri, 23 Sep 2022 10:43 PM IST
सार

Supreme Court on Ukraine Return Medical Students: शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया था कि केंद्र इन मेडिकल छात्रों की सहायता के लिए एक वेब पोर्टल बनाकर विदेशी विश्वविद्यालयों का विवरण उपलब्ध कराए, जहां वे अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं। 

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Medical Education Centre Working on Courts Suggestions to help Ukraine Returned Medical Students as per Advice
Supreme Court on Ukraine Return Medical Students - फोटो : amar ujala

विस्तार

Supreme Court on Ukraine Return Medical Students: केंद्र ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि वे रूस के साथ युद्ध के मद्देनजर यूक्रेन से भारत लौटे मेडिकल छात्रों की सहायता के लिए अदालत द्वारा दिए गए सुझावों पर काम कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने 16 सितंबर को सुझाव दिया था कि केंद्र इन मेडिकल छात्रों की सहायता के लिए एक वेब पोर्टल बनाकर विदेशी विश्वविद्यालयों का विवरण उपलब्ध कराए, जहां वे सरकार के अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम (Academic Mobility Programme) के अनुसार अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं। 

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केंद्र की ओर से पेश हुए वकील ने शुक्रवार को शीर्ष अदालत को बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर विदेश मंत्रालयों के साथ-साथ स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिवों को पत्र लिखा है। वकील ने जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ को बताया कि पिछले आदेश के संदर्भ में, हमने विदेश मंत्रालय के सचिवों के साथ-साथ स्वास्थ्य को भी लिखा है। जल्द ही इस पर अच्छी प्रगति दिखेगी। मामले में अगली सुनवाई 11 अक्तूबर को होनी है। 
 

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इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान जस्टिस हेमंत गुप्ता और जस्टिस सुधांशु धूलिया की पीठ ने कहा कि यह एक पारदर्शी प्रणाली होनी चाहिए और इस वेब पोर्टल पर वैकल्पिक विदेशी विश्वविद्यालयों में उपलब्ध फीस और सीटों की संख्या का पूरा विवरण निर्दिष्ट करना चाहिए, जहां से वे अपना पाठ्यक्रम पूरा कर सकते हैं। शीर्ष अदालत उन छात्रों द्वारा दायर याचिकाओं के एक बैच की सुनवाई कर रही थी, जो अपने संबंधित विदेशी मेडिकल कॉलेजों / विश्वविद्यालयों में पहले से चौथे वर्ष के बैच के मेडिकल छात्र हैं, जो मुख्य रूप से अपने संबंधित सेमेस्टर में भारत में मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं।
 

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इससे पहले केंद्र ने अपने हलफनामे में कहा था कि यूक्रेन से देश लौटे मेडिकल छात्रों को कानून के तहत प्रावधानों की कमी के कारण यहां मेडिकल कॉलेजों में समायोजित नहीं किया जा सकता है और अब तक, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) द्वारा स्थानांतरित करने या स्थानांतरित करने की कोई अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि, छात्रों की सहायता और सहायता के लिए जो यूक्रेन में अपने एमबीबीएस पाठ्यक्रम को पूरा नहीं कर सके, एनएमसी ने विदेश मंत्रालय (एमईए) के परामर्श से 06 सितंबर, 2022 को अकादमिक गतिशीलता कार्यक्रम (Academic Mobility Programme) को मंजूरी दी थी। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) यूक्रेन में मूल विश्वविद्यालय/ संस्थान के अनुमोदन के आधार पर अन्य देशों में अपने शेष पाठ्यक्रमों को पूरा कर सकते हैं। 

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