{"_id":"61523078aa418966b5602058","slug":"lakshmi-sowjanya-says-rinl-plant-township-got-inspiration-to-pass-the-upsc-exam","type":"story","status":"publish","title_hn":"यूपीएससी: लक्ष्मी सौजन्या ने बताया- आरआईएनएल संयंत्र, टाउनशिप से मिली परीक्षा उत्तीर्ण करने की प्रेरणा","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
यूपीएससी: लक्ष्मी सौजन्या ने बताया- आरआईएनएल संयंत्र, टाउनशिप से मिली परीक्षा उत्तीर्ण करने की प्रेरणा
Tue, 28 Sep 2021 02:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजूकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजूकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 28 Sep 2021 02:28 AM IST
सार
2020 सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों में शामिल लक्ष्मी सौजन्या का कहना है कि विशाखापट्टनम में 24 घंटे चलने वाले संयंत्र ने उन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ मेहनत करने की प्रेरणा दी।
विज्ञापन
लक्ष्मी सौजन्या
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (आरआईएनएल) हम सभी के लिए इस्पात का उत्पादन करने वाली केवल एक कंपनी है, लेकिन 2020 सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले परीक्षार्थियों में शामिल लक्ष्मी सौजन्या का कहना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के इस उपक्रम की टाउनशिप उनके लिए ‘सहयोग का स्तंभ’ रही है। 24 घंटे चलने वाले संयंत्र से उन्हें बहुत प्रेरणा मिली।
विज्ञापन
विशाखापट्टनम में इस्पात संयंत्र के स्टील मेल्टिंग शॉप (एसएमएस) 1 में वरिष्ठ प्रबंधक के तौर पर कार्यरत एम वेंकट राव की 32 वर्षीय बेटी सौजन्या ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की परीक्षा में 127वां स्थान पाया है।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि संयंत्र ने उन्हें देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में शामिल इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ मेहनत करने की प्रेरणा दी। बकौल सौजन्या, हमारा संयंत्र चौबीसों घंटे काम करता है। मैं जानती थी कि मुझे परीक्षा की तैयारी इसी तरह करनी होगी। अब मैं उस टाउनशिप के लिए कुछ करना चाहती हैं, जहां मैं पली-बढ़ी।
विज्ञापन
आरआईएनएल मेरे लिए हमेशा सहयोग के एक स्तंभ की तरह रहा है। यूपीएससी की परीक्षा पहले उत्तीर्ण कर चुके कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर मैं टाउनशिप में इस परीक्षा की तैयारी के लिए केंद्र स्थापित करना चाहती हूं। इससे पहले सौजन्या बंगलूरू में एक कंपनी में काम करती थी। जिसे उन्होंने 2016 में छोड़ दिया। उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के कहने पर यूपीएससी में दिलचस्पी दिखाई थी।
कमेंट
कमेंट X