फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   know about struggle story of shivam shukla

एक सॉफ्टवेयर ने पहुंचा दिया विदेश, 12वीं में किया ये काम

Sun, 16 Jun 2019 09:16 PM IST
Garima Garg एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Sun, 16 Jun 2019 09:16 PM IST
विज्ञापन
know about struggle story of shivam shukla
shivam shukla - फोटो : amar ujala

सपने तो सब देखते हैं पर उन्हें सच कर दिखाने का जोश और जज्बा कुछ ही लोगों में होता है। यह तभी मुमकिन है जब मेहनत सच्चे दिल से की गई हो। मेरठ के शिवम शुक्ला ने इस तथ्य को सार्थक किया है। उन्होंने न केवल यूपी का नाम रोशन किया है बल्कि पूरे भारत को गोरांवित किया है।

विज्ञापन


अमेरिका स्थित Draper university ने शिवम के द्वारा बनाए गए सॉफ्टवेयर की गुणवक्ता को तो समझा ही साथ ही उसकी सरहायना भी की। बता दें अभी हाल ही में शिवम ने 12वीं परीक्षा को 70 फीसदी अंक लाकर उत्तीर्ण किया है। उनके लिए 70 फीसदी अंक लाना बड़ी बात इसलिए भी है क्योंकि उनका ध्यान सिर्फ परीक्षाओं पर नहीं था, वे साथ में इस सॉफ्टवेयर पर भी अपना समय लगा रहे थे। अमर उजाला से हुई खास बातचीत पर शिवम ने क्या कहा... पढ़ते हैं अगली स्लाइड में...
विज्ञापन


क्या जानते हैं इंजीनियरिंग की ये स्ट्रीम, जो दिला सकती है सरकारी नौकरी

विज्ञापन
विज्ञापन

1- सॉफ्टवेयर बनाने का ख्याल कैसे आया...?
मुझे बचपन से ही गाने का शौक था। नई–नई भाषाओं के गाने सुनना और उनकी प्रैक्टिस करना मुझे बेहद पसंद था। एक बार मेरा गला खराब हो गया। बहुत कोशिश करने के बाद भी मैं नहीं गा पाया। उसी वक्त मेरे दिमाग में एक सॉफ्टवेयर बनाने का आइडिया आया। मैं 10वीं कक्षा में था, जब मुझे ये आइडिया आया। चूंकि मेरे पापा-मम्मी बरेली रहते हैं इसलिए मैंने अपने मामा से मदद मांगी। उन्होंने मुझे हर वो चीज लाकर दी, जिसकी मुझे जरूरत थी।

2- ये सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है?

स्क्रीन पर कुछ पंक्तियां दिखाई देंगी, जिन्हें आपको 1 से 2 मिनट के अंदर पढ़ना है। ऐसा करने पर आपकी आवाज उस सॉफ्टवेयर में रिकॉर्ड हो जाएगी। उसके बाद आप जो भी गाना अपनी आवाज में सुनना चाहें, उसे सर्च कर आप आनंद उठा सकते हैं।

3- आपकी भविष्य की योजनाएं क्या हैं?
अभी मेरा पूरा ध्यान इस प्रतियोगिता में है। मैं सॉफ्टवेयर फील्ड में अपना करियर बनाना चाहता हूं।  

शिवम ने बताया कि इस तरह के सॉफ्टवेयर चीन की कुछ कंपनियां करोड़ों-अरबों देकर बनवाती हैं। पर शिवम ने कुल एक लाख से भी कम में इस सॉफ्टवेयर को बनाकर दिखाया।


क्या जानते हैं इंजीनियरिंग की ये स्ट्रीम, जो दिला सकती है सरकारी नौकरी
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed