कर्नाटक एसएसएलसी : कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के बीच शुरू हुईं परीक्षाएं
कर्नाटक उच्च न्यायालय से मंजूरी मिलने के बाद परीक्षाओं को विशेष दिशा-निर्देश और सावधानियों के साथ आयोजित किया जा रहा है।
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कोरोना महामारी की तीसरी लहर की आशंका के बीच, कर्नाटक में एसएसएलसी यानी सेकेंडरी स्कूल लिविंग सर्टिफिकेट की परीक्षाएं सोमवार से शुरू हो गई हैं। कर्नाटक उच्च न्यायालय से मंजूरी मिलने के बाद परीक्षाओं को विशेष दिशा-निर्देश और सावधानियों के साथ आयोजित किया जा रहा है। इस साल कर्नाटक एसएसएलसी परीक्षा को दो दिन में ही आयोजित किया जा रहा है। परीक्षा के लिए 8.76 लाख छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
यह लगातार दूसरे वर्ष है जब प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग महामारी के बीच एसएसएलसी परीक्षा आयोजित कर रहा है। हालांकि, कोविड-19 स्थिति के कारण, पहली बार, परीक्षाएं छह दिन की अवधि से घटाकर दो दिन कर दी गई हैं, जिसमें छात्र प्रतिदिन तीन-तीन विषयों के लिए पेपर दे रहे हैं। मुख्य विषयों गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान आदि के लिए 19 जुलाई को सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक हुई, जबकि दूसरी भाषायी विषयों की परीक्षा 20 जुलाई को होगी। मंगलवार, 20 जुलाई को कन्नड़, अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत जैसी भाषाओं की परीक्षा होगी।
कोरोना पॉजिटिव छात्र भी हो रहे शामिल
कर्नाटक माध्यमिक शिक्षा परीक्षा बोर्ड के अधिकारियों ने कहा कि विभाग ने इस साल परीक्षा केंद्रों और ड्यूटी पर शिक्षकों की संख्या में बढ़ोतरी की गई है। राज्य भर में 4,885 केंद्रों में 73,064 परीक्षा हॉल के लिए 1.19 लाख कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कोविड-19 पॉजिटिव 23 छात्रों के लिए उनके संबंधित जिलों में कोरोना देखभाल केंद्रों पर परीक्षा लिखने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
एक कक्ष में सिर्फ 12 छात्र
अधिकारियों ने कहा कि महामारी की स्थिति को ध्यान में रखते हुए परीक्षा केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्था की गई है, जिसमें एक कक्षा में केवल 12 छात्रों, एक बेंच पर एक को बैठाया जाएगा और लक्षणों वाले लोगों को एक अलग कमरे में परीक्षा देने की अनुमति दी जाएगी। अधिकारी ने कहा कि परीक्षा ड्यूटी में शामिल सभी कर्मचारियों को टीकाकरण की कम से कम एक खुराक मिली है। परीक्षा बहुविकल्पीय प्रश्नों के रूप में हो रही है और छात्रों को ऑप्टिकल मार्क रीडिंग (ओएमआर) शीट पर सही उत्तरों को चिह्नित करना होगा।
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