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Hijab Controversy: कर्नाटक शिक्षा मंत्रालय का हिजाब विवाद पर सामने आया बयान, दिए ये अहम दिशा-निर्देश

Sat, 05 Feb 2022 09:54 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sat, 05 Feb 2022 09:54 PM IST
सार

कर्नाटक में हिजाब पहनने पर विवाद की शुरुआत जनवरी महीने में उडुपी जिले से हुई थी। यहां के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 6 छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था।

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Karnataka Edu Dept gives important direction for schools and colleges, gives these important guidelines
Hijab Controversy - फोटो : Social Media

विस्तार

कर्नाटक के स्कूल और कॉलेजों में हिजाब पहनने को लेकर चल रहे विवाद के बीच राज्य शिक्षा विभाग ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षा विभाग ने अपने बयान में कहा है कि सभी सरकारी स्कूलों को राज्य सरकार द्वारा घोषित यूनिफॉर्म ड्रेस कोड का पालन करें। वहीं, निजी संस्थानों के छात्र स्कूल प्रबंधन द्वारा तय की गई ड्रेस कोड का पालन करें।
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कॉलेजों के लिए भी निर्देश
ऐसे कॉलेज जो प्री-यूनिवर्सिटी और राज्य सरकार के अंतर्गत आते हैं, वहां के छात्र कॉलेज के विकास बोर्ड (CDC) के द्वारा सुझाए गए ड्रेस कोड का पालन करें। अगर वहां कोई ड्रेस कोड नहीं है तो छात्र ऐसी पोशाकों को पहनें जो समानता, अखंडता और कानून व्यवस्था को प्रभावित न करें।
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क्या है विवाद?
कर्नाटक में हिजाब पहनने पर विवाद की शुरुआत जनवरी महीने में उडुपी जिले से हुई थी। यहां के प्री-यूनिवर्सिटी कॉलेज में 6 छात्राओं को हिजाब पहनने के कारण कक्षा में प्रवेश नहीं दिया गया था। कॉलेज प्रशासन का कहना है कि उन्होंने यह फैसला ड्रेस में समानता के मकसद से लिया है। इसके बाद राज्य ते विभिन्न जिलों में यह विवाद बढ़ता चला गया। कई छात्र हिजाब के विरोध में भगवा गमछा को ओढ़कर संस्थानों में पहुंचने लगे। इसके बाद से ही यह विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। 
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हाईकोर्ट में है मामला
कई छात्राओं ने हिजाब को लेकर कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। छात्राओं ने यह दलील दी है कि उन्हें हिजाब पहनने की इजाजत न देना संविधान के अनुच्छेद 14 और 25 के तहत उनके मौलिक अधिकार का हनन है।

सीएम ने ली थी बैठक
हिजाब विवाद पर राज्य के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने भी शुक्रवार को शिक्षा मंत्री और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी। राज्य सरकार के अनुसार हाईकोर्ट की ओर से इस मामले पर किसी भी निर्देश के आने तक संस्थानों में पहले की तरह ड्रेस कोड लागू रहेंगे।
 

शिक्षा मंत्री बीसी नागेश ने भी की थी टिप्पणी
हिजाब विवाद पर कर्नाटक सरकार के मंत्री बीसी नागेश ने भी मामले पर अपना बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि छात्राएं पहले हिजाब नहीं पहन रही थी। यह मामला हाल के 20 दिनों में आया है। सरकार इस मामले पर सरकार एक समिति का गठन करेगी और इसके रिपोर्ट के अनुसार दृढ़ फैसला करेगी। मंत्री बीसी नागेश ने आगे कहा था कि हम शिक्षण संस्थानों को दो समुदायों का युद्धस्थल नहीं बनने देना चाहते। यह एक पवित्र स्थल है और यहां हर छात्र को एक समान महसूस होना चाहिए। 

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नलीन कुमार कतील ने भी दिया बयान
बंगलुरु में पत्रकारों से चर्चा में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नलीन कुमार कतील ने कहा कि कक्षाओं में हिजाब पहनने जैसी बातों की इजाजत नहीं दी जा सकती। हमारी सरकार ऐसे मामलों में कठोर कार्रवाई करेगी। लोगों को स्कूलों में नियमों कायदों का पालन करना होगा। हम तालिबानीकरण नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि धर्म को शिक्षा संस्थानों में लाना ठीक नहीं है। बच्चे शिक्षा चाहते हैं। स्कूलों में हिजाब या अन्य ऐसी चीजों का कोई स्थान नहीं है। 
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