तमिलनाडु: कल्लाकुरिची में मृत छात्रा के हॉस्टल के पास नहीं मिला लाइसेंस, बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने की जांच
कल्लाकुरिची के चिन्नासलेम में एक निजी आवासीय स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा 13 जुलाई को मृत पाई गई थी। छात्रा छात्रावास की तीसरी मंजिल पर रहती थी।
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तमिलनाडु के कल्लाकुरिची में 12वीं की छात्रा की मौत के मामले में जांच जारी है। गुरुवार को तमिलनाडु बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य सरण्या जयकुमार ने बताया कि विस्तृत जांच में यह बात पता चली है कि हॉस्टल के पास लाइसेंस नहीं था। इसे हॉस्टल एक्ट के तहत पंजीकृत भी नहीं किया गया था। उन्होंने कहा कि हमें बताया गया है कि इस हॉस्टल में 83 लड़के और 24 लड़कियों रहती हैं।
छात्रावास अधिनियम के तहत पंजीकरण जरूरी
बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य सरण्या जयकुमार ने आगे कहा कि तमिलनाडु में किसी भी प्राइवेट हॉस्टल को छात्रावास अधिनियम के तहत पंजीकृत होना चाहिए। यह एक चेतावनी है। सभी स्कूलों, कॉलेजों और निजी छात्रावासों को अधिनियम के तहत लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा, और इसे जिला मजिस्ट्रेट द्वारा अनुमोदित करवाना होगा।
कल्लाकुरिची के चिन्नासलेम में एक निजी आवासीय स्कूल में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा 13 जुलाई को मृत पाई गई थी। छात्रा छात्रावास की तीसरी मंजिल पर रहती थी। माना जा रहा है कि उसने तीसरी मंजिल से कूदकर ही अपनी जान दे दी। छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कथित रूप से सामने आया कि छात्रा की मौत से पहले उसके शरीर पर चोट के निशान थे।
इस मामले को लेकर इलाके में जमकर हिंसा भड़की थी। छात्रा की मौत से नाराज लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और स्कूल तोड़फोड़ की। प्रदर्शनकारी यहां भी नहीं रुके और उन्होंने स्कूल बसों को आग के हवाले कर दिया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे इलाके में 500 से ज्यादा पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था।
उधर, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो 27 जुलाई को कल्लाकुरिची जाएंगे। वहां वे संदिग्ध परिस्थितियों में छात्रा की मौत की पड़ताल करेंगे।
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