फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   JNUSU Demands VC Resignation Over Alleged Caste Remarks in Podcast, VC Denies Charges

JNU: जेएनयू छात्रसंघ ने उठाई कुलपति के इस्तीफे की मांग, पॉडकास्ट के दौरान कथित जातिसूचक टिप्पणी का आरोप

Fri, 20 Feb 2026 07:20 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 20 Feb 2026 07:20 PM IST
सार

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ ने कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित पर एक पॉडकास्ट में कथित जातिसूचक टिप्पणी का आरोप लगाकर इस्तीफे की मांग की है। कुलपति ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर पेश किया गया।
 

विज्ञापन
JNUSU Demands VC Resignation Over Alleged Caste Remarks in Podcast, VC Denies Charges
जेएनयू की वाइस चांसलर - फोटो : पीटीआई (फाइल फोटो)

विस्तार

JNU: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (JNUSU) ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री धुलिपुडी पंडित पर एक पॉडकास्ट में कथित रूप से जातिसूचक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया और इसकी कड़ी निंदा की। इस पॉडकास्ट में यूजीसी नियमों पर चर्चा हो रही थी। हालांकि, कुलपति ने इन आरोपों से इनकार किया है।

विज्ञापन

छात्रसंघ ने की इस्तीफे की मांग

छात्रसंघ के अनुसार 16 फरवरी को जारी 52 मिनट के एक पॉडकास्ट में कुलपति ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के नियमों, छात्रसंघ पदाधिकारियों के निष्कासन और विश्वविद्यालय की छवि जैसे मुद्दों पर बातचीत की थी। छात्रसंघ का कहना है कि इस दौरान दिए गए कुछ बयान आपत्तिजनक थे। संघ ने बयान जारी कर कुलपति से इस्तीफे की मांग की और कहा कि ऐसे वक्तव्यों से विश्वविद्यालय की गरिमा प्रभावित होती है।

छात्रसंघ ने विशेष रूप से उस टिप्पणी का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि स्थायी रूप से पीड़ित बने रहने या पीड़ित होने का दावा करने से प्रगति नहीं हो सकती। संघ का आरोप है कि यह टिप्पणी विश्वविद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर सामाजिक अन्याय और बहिष्कार की वास्तविकताओं को नजरअंदाज करती है।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्या है कुलपति का पक्ष?

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कुलपति ने कहा कि उनके बयान को संदर्भ से हटाकर प्रस्तुत किया गया है। उनका कहना है कि उन्होंने किसी विशेष समुदाय के खिलाफ कुछ नहीं कहा। उन्होंने यह भी कहा कि वे स्वयं पिछड़े वर्ग की पृष्ठभूमि से आती हैं।

छात्रसंघ ने 21 फरवरी को राष्ट्रीय स्तर पर विरोध दिवस मनाने की अपील की है और देशभर के छात्र संगठनों से इसमें शामिल होने का आग्रह किया है। मामला फिलहाल विवाद का विषय बना हुआ है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed