छात्रसंघ चुनाव के लिए बदल रहा है जेएनयू का संविधान, जानें क्या होगा नया
- संविधान में बदलाव को शिकायत निवारण प्रकोष्ठ की मंजूरी
- एबीवीपी ने प्लेसमेंट, संस्कृति व स्पोर्ट्स मंत्री का पद जोड़ने की रखी मांग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले जेएनयू संविधान में बदलाव की तैयारी चल रही है। शिकायत निवारण प्रकोष्ठ ने स्कूल काउंसलर के पदों में बदलाव करते हुए छात्रसंघ चुनाव 2019 में 55 स्कूल काउंसलर के पदों पर चुनाव की मंजूरी दी है। एबीवीपी ने सेंट्रल पैनल में चार के बजाय सात पदों पर चुनाव करने की मांग रखी है।
इन्हीं मुद्दों को लेकर छात्रसंघ ने आपातकालीन स्कूल जीबीएम बुलाई है, जिसमें मतदाताओं के साथ-साथ सभी छात्र संगठन मंथन में जुटे हैं।
जेएनयू कैंपस में मंगलवार को छात्रसंघ चुनाव 2019 के तहत छात्रसंघ भंग होना था। लेकिन इसी बीच शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के चेयरपर्सन प्रोफेसर उमेश अशोक कदम ने छात्रसंघ को स्कूल काउंसलर पदों में किए गए बदलाव की सूची भेज दी। कैंपस में देर रात तक स्कूल जीबीएम में चर्चा होती रही।
बीटेक, एमबीए व नैनो साइंस के नए विभागों में बने नए पद
जेएनयू में बीटेक और एमबीए प्रोग्राम के नए विभाग बने हैं। हालांकि, नए विभागों में स्कूल काउंसलर के पद तैयार नहीं किए गए थे। शिकायत निवारण प्रकोष्ठ ने छात्रों की संख्या के आधार पर स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग में चार पद, स्कूल ऑफ नैनोसाइंस में एक काउंसलर पद गठित किया है। इसके अलावा अन्य स्कूलों में भी काउंसलर पदों की संख्या बढ़ाई गई है। इस प्रकार छात्रसंघ चुनाव में 55 काउंसलर होंगे। इससे पहले 35 पद थे।
ये भी पढ़ें : ...तो UPSC परीक्षा में खत्म हो जाएंगे ये अहम पड़ाव, जानें क्या है प्रस्ताव
प्लेसमेंट, स्पोर्ट्स, संस्कृति मंत्री पदों की मांग
सेंट्रल पैनल में अभी तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, महासचिव व सचिव पद पर चुनाव लड़े जाते हैं। एबीवीपी ने सेंट्रल पैनल में प्लेसमेंट, स्पोर्ट्स व संस्कृति मंत्री का पद तैयार करने की मांग रखी थी। इसका उद्देश्य छात्रों को रोजगार, भारतीय संस्कृति से जोड़ना व खेलकूद में आगे बढ़ाना है। अभी तक कैंपस में इन मुद्दों पर कोई काम या बात नहीं होती है। हमारा उद्देश्य छात्रों को गुणवत्ता युक्त शिक्षा के साथ शारीरिक फिटनेस और रोजगार से भी जोड़ना है। -निधि त्रिपाठी, राष्ट्रीय मंत्री, एबीवीपी
ये भी पढ़ें : CWUR वर्ल्ड रैंकिंग में इस विश्वविद्यालय ने आईआईटी और जेएनयू को पछाड़ा
कमेंट
कमेंट X