फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   JNU introduces Indian knowledge elective for all, including engineering, management, read here

JNU: जेएनयू में पारंपरिक भारतीय ज्ञान का अध्ययन करेंगे छात्र, विद्यार्थियों के लिए शुरू हुआ वैकल्पिक पाठ्यक्रम

Sun, 17 Nov 2024 12:13 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Sun, 17 Nov 2024 12:13 PM IST
सार

JNU: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय भारतीय ज्ञान परंपराओं पर एक नया वैकल्पिक पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है, जो इंजीनियरिंग और प्रबंधन सहित विभिन्न विषयों के छात्रों को भारत की प्राचीन ज्ञान प्रणालियों को जानने का मौका देगा।

विज्ञापन
JNU introduces Indian knowledge elective for all, including engineering, management, read here
जेएनयू, JNU - फोटो : JNU: @www.jnu.ac.in/main/

विस्तार

JNU: जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में सभी विषयों के छात्र पारंपरिक भारतीय ज्ञान का अध्ययन करेंगे। जेएनयू ने सभी पाठ्यक्रमों के छात्रों के लिए भारतीय ज्ञान परंपराओं पर आधारित वैकल्पिक पाठ्यक्रम को शुरू किया है। इस पाठ्यक्रम के तहत इंजीनियरिंग, प्रबंधन, विज्ञान और अन्य विषयों के छात्र भी इस इसकी पढ़ाई करेंगे। यह पाठ्यक्रम जेएनयू के सभी स्कूलों और सेंटरों पर उपलब्ध  कराया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में प्रत्येक विभाग अपने विशिष्ट क्षेत्र के अनुरूप सामग्री को शामिल करेगा।

विज्ञापन


यूजीसी देशभर के शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह के पाठ्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए प्रयासरत है। यूजीसी छात्रों को भारत की बौद्धिक विरासत और मूल्यों से परिचित कराने के अपने प्रयासों के तहत अकादमिक पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपराओं को शामिल करने की वकालत कर रहा है। इंजीनियरिंग के छात्र इंजीनियरिंग की पारंपरिक प्रथाओं प्रबंधन के छात्र नए पाठ्यक्रम के तहत प्राचीन आर्थिक और प्रशासनिक प्रणालियों का अध्ययन करेंगे।
विज्ञापन


स्कूल और केंद्र अपने विषयों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करेंगे। विश्वविद्यालय ने पिछले महीने एक बैठक के दौरान इस प्रस्ताव को मंजूरी दी और सभी अपने स्कूलों से अनुरोध किया है कि वे अपने पाठ्यक्रम में भारतीय ज्ञान परंपराओं को शामिल करें। स्कूलों से पाठ्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत करने को कहा गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

छात्रों को मिलेंगे अकादमिक क्रेडिट
अगले शैक्षणिक सत्र से वैकल्पिक पाठ्यक्रम के रूप में इसे शुरू किया जा सकता है। यह छात्रों के अध्ययन के मुख्य क्षेत्रों के साथ वैकल्पिक पाठ्यक्रम के रूप में उपलब्ध होगा। इन वैकल्पिक पाठ्यक्रमों में अकादमिक क्रेडिट होंगे। भारत की पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए जेएनयू ने हाल ही में हिंदू, जैन और बौद्ध अध्ययन के लिए केंद्र भी स्थापित किए हैं। जेएनयू में 13 स्कूल हैं, जिनमें से प्रत्येक में विशेष शैक्षणिक विषयों के लिए समर्पित कई केंद्र हैं। इन स्कूलों में 38 केंद्र हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed