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JNU: शिक्षा मंत्रालय ने जेएनयू कुलपति से मांगा स्पष्टीकरण, बिना अनुमति बैठक से अनुपस्थिति पर जताई असहमति
Sun, 27 Jul 2025 05:12 PM IST
शिवम गर्ग
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शिवम गर्ग
Updated Sun, 27 Jul 2025 05:12 PM IST
सार
JNU VC: शिक्षा मंत्रालय ने जेएनयू की कुलपति संतिश्री धुलिपुड़ी पंडित से बिना अनुमति केंद्रीय विश्वविद्यालयों के वीसी सम्मेलन में अनुपस्थित रहने का स्पष्टीकरण मांगा है। अधिक जानकारी नीचे पढ़ें...
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जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय, JNU
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
Jawaharlal Nehru University: जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) की कुलपति संतीश्री धूलिपुडी पंडित को एक महत्वपूर्ण सम्मेलन में अनुपस्थित रहने पर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा स्पष्टीकरण मांगा गया है। सूत्रों के अनुसार, पंडित बिना औपचारिक अनुमति के केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में शामिल नहीं हुईं।
एक सूत्र ने जानकारी दी कि इस तरह की गंभीर बैठकों के लिए कुलपतियों को पूर्व अनुमति लेनी होती है। सम्मेलन का निमंत्रण पहले ही भेजा गया था, बावजूद इसके कुलपति संतीश्री धूलिपुडी पंडित ने इसमें भाग नहीं लिया। यह लापरवाही मानी गई है। इस दौरान जेएनयू में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन मंत्रालय का मानना है कि ऐसे मामलों में प्राथमिकता उस आयोजन को दी जानी चाहिए जिसे पहले आमंत्रण मिला हो।
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जेएनयू की कुलपति की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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10 और 11 जुलाई को हुआ था सम्मेलन
यह सम्मेलन 10 और 11 जुलाई को गुजरात के केवड़िया में आयोजित किया गया था, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के पांच साल पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। इसका उद्देश्य केंद्रीय विश्वविद्यालयों के प्रमुखों को एक मंच पर लाकर नीति की प्रगति की समीक्षा करना और आगे की दिशा तय करना था।
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एक सूत्र ने जानकारी दी कि इस तरह की गंभीर बैठकों के लिए कुलपतियों को पूर्व अनुमति लेनी होती है। सम्मेलन का निमंत्रण पहले ही भेजा गया था, बावजूद इसके कुलपति संतीश्री धूलिपुडी पंडित ने इसमें भाग नहीं लिया। यह लापरवाही मानी गई है। इस दौरान जेएनयू में भी एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, लेकिन मंत्रालय का मानना है कि ऐसे मामलों में प्राथमिकता उस आयोजन को दी जानी चाहिए जिसे पहले आमंत्रण मिला हो।
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जेएनयू की कुलपति की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
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