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कोलकाता : राज्यपाल की आपत्ति के बाद भी जादवपुर विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह, जानें क्या है मामला
Tue, 26 Dec 2023 08:27 PM IST
सौरभ पांडेय
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सौरभ पांडेय
Updated Tue, 26 Dec 2023 08:27 PM IST
सार
राजभवन के एक अधिकारी ने कहा कि चांसलर की अपनी आपत्ति के बावजूद जादवपुर विश्वविद्यालय में दीक्षांत समारोह मनाया गया, जिसके खिलाफ अब वह कलकत्ता उच्च न्यायालय जाने के लिए कानूनी सलाह मांगी है।
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CV Anand Bose
- फोटो : Twitter/@KeralaGovernor
विस्तार
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस की आपत्ति के बावजूद रविवार को जादवपुर विश्वविद्यालय ने अपना वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया। जिसके बाद अब राज्यपाल जादवपुर विश्वविद्यालय के खिलाफ कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख कर सकते हैं।
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बता दें कि राज्यपाल सीवी आनंद बोस राज्य संचालित विश्वविद्यालयों के चांसलर भी हैं। उन्होंने इस वार्षिक दीक्षांत समारोह को अनाधिकृत दीक्षांत समारोह माना है और इसके खिलाफ उच्च न्यायालय जाने के लिए कानूनी सलाह मांगी है। बोस ने शनिवार शाम को जेयू के कार्यवाहक कुलपति बुद्धदेव साव को अनुशासनात्मक आधार पर हटा दिया था।
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हालांकि, जेयू अधिकारियों ने चांसलर की आपत्तियों के बावजूद वार्षिक दीक्षांत समारोह आयोजित किया, जबकि राज्य सरकार ने साव को कार्यवाहक वीसी के रूप में बहाल कर दिया। गणित के प्रोफेसर साव को अगस्त में जेयू के कार्यवाहक वीसी के रूप में नियुक्त किया गया था। चांसलर ने साव के खिलाफ अपने कार्यालय को मिली कई शिकायतों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की है
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