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IPU: आईपीयू जल्द लागू करने जा रहा है फॉर्मेसी के नए कोर्सेज, जानें सीटों की संख्या, पढ़ें पूरी खबर
Fri, 12 Jul 2024 10:35 AM IST
शाहीन परवीन
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शाहीन परवीन
Updated Fri, 12 Jul 2024 10:35 AM IST
सार
IPU: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय जल्द ही फॉर्मेसी के नए कोर्सेज की शुरूआत करने जा रहा है। इन नए कोर्सेज में डी फार्मा, बी फार्मा, एम फार्मा, इन फॉर्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फाइटोफॉर्मेसी और फाइटोमेडिसिन और फॉमस्यूटिकल केमिस्ट्री शामिल है।
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- फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक
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विस्तार
IPU: गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय (IPU) में जल्द ही फॉर्मेसी पाठ्यक्रम की भी पढ़ाई होगी। फॉर्मेसी काउंसिल ने विश्वविद्यालय को इन नए पाठ्यक्रम को शुरू करने की मंजूरी दे दी है। पहली बार फॉर्मेसी के नए कोर्सेज को शुरू किया जा रहा है। इन्हें फॉर्मास्यूटिकल साइंसेज फॉर्मेसी उत्कृष्टता केंद्र के तहत चलाया जाएगा।
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इन नए कोर्सेज में डी फार्मा, बी फार्मा, एम फार्मा, इन फॉर्मास्यूटिक्स, फार्माकोलॉजी, फाइटोफॉर्मेसी और फाइटोमेडिसिन और फॉमस्यूटिकल केमिस्ट्री शामिल है।
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जानें इन सभी कोर्सेज में कितनी सीटें हैं
आईपीयू के कुलपति पद्मश्री प्रो डॉ महेश वर्मा के अनुसार डी फॉर्मा में 60, बी फॉर्मा में 100 और एम फॉर्मा इन फार्मास्यूटिक्स, फॉर्माकोलॉजी, फाइटोफार्मेसी और फाइटोमेडिसिन और फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में 15-15 सीटें हैं। सभी प्रोग्राम को मिलाकर 220 सीटें हैं। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम फॉर्मास्यूटिकल क्षेत्र में योग्य मैन पॉवर को आवश्यकता को पूरा करेंगे। शिक्षण पद्धति, नवीनतम उपकरणों पर व्यावहारिक अनुभव, उद्योग अनुकूल दृष्टिकोण फॉर्मास्युटिकल साइंसेज उत्कृष्टता केंद्र की अनूठी विशेषता होगी।
डी फार्मा में प्रवेश पूरी तरह सेकक्षा 12वीं की मेरिट सूची के आधार पर होगा। बी फॉर्मा कोर्स के लिए सीईटी आवेदकों को वरीयता दी जाएगी और सीटें बचने पर उन्हें नीट पास करने वाले छात्रों से भरा जाएगा। एम फॉर्मा की सीटें पहले उन लोगों से भरी जाएंगी जिन्होंने ग्रेजुएट फॉर्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) उत्तीर्ण किया है और फिर सीईटी आवेदकों के माध्यम से भरा जाएगा।
आईपीयू के कुलपति पद्मश्री प्रो डॉ महेश वर्मा के अनुसार डी फॉर्मा में 60, बी फॉर्मा में 100 और एम फॉर्मा इन फार्मास्यूटिक्स, फॉर्माकोलॉजी, फाइटोफार्मेसी और फाइटोमेडिसिन और फार्मास्युटिकल केमिस्ट्री में 15-15 सीटें हैं। सभी प्रोग्राम को मिलाकर 220 सीटें हैं। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम फॉर्मास्यूटिकल क्षेत्र में योग्य मैन पॉवर को आवश्यकता को पूरा करेंगे। शिक्षण पद्धति, नवीनतम उपकरणों पर व्यावहारिक अनुभव, उद्योग अनुकूल दृष्टिकोण फॉर्मास्युटिकल साइंसेज उत्कृष्टता केंद्र की अनूठी विशेषता होगी।
डी फार्मा में प्रवेश पूरी तरह सेकक्षा 12वीं की मेरिट सूची के आधार पर होगा। बी फॉर्मा कोर्स के लिए सीईटी आवेदकों को वरीयता दी जाएगी और सीटें बचने पर उन्हें नीट पास करने वाले छात्रों से भरा जाएगा। एम फॉर्मा की सीटें पहले उन लोगों से भरी जाएंगी जिन्होंने ग्रेजुएट फॉर्मेसी एप्टीट्यूड टेस्ट (GPAT) उत्तीर्ण किया है और फिर सीईटी आवेदकों के माध्यम से भरा जाएगा।
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