{"_id":"5dc6dfd18ebc3e5b2e36e664","slug":"iit-mandi-faculty-get-one-lakh-dollar-infosys-prize-2019-for-cultural-history-studies","type":"story","status":"publish","title_hn":"आईआईटी मंडी के शिक्षक को मिला एक लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम, जानें वजह","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
आईआईटी मंडी के शिक्षक को मिला एक लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम, जानें वजह
Sat, 09 Nov 2019 09:27 PM IST
Mohit Mudgal
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 09 Nov 2019 09:27 PM IST
विज्ञापन
Dr. Manu V Devadevan
- फोटो : iit mandi
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आईआईटी मंडी के असिस्टेंट प्रोफेसर मनु वी. देवदेवन को ह्यूमैनिटीज में प्री-माडर्न साउथ इंडिया के उपर मौलिक और व्यापक शोध करने के लिए इन्फोसिस पुरस्कार 2019 मिला है। यह पूरे देश के लिए गौरव की बात है।
विज्ञापन
बता दें इन्फोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने छह श्रेणियों इंजीनियरिंग एवं कंप्यूटर साइंसेस, ह्यूमैनिटीज, लाइफ साइंसेस, मैथमेटिकल साइंसेस, फिजिकल साइंसेस और सोशल साइंसेस में इन्फोसिस पुरस्कार 2019 के विजेताओं के नाम घोषित कर दिए हैं। देवदवन को सम्मान स्वरुप गोल्ड मेडल, प्रशस्ति पत्र और 1,00,000 अमेरिकी डालर का इनाम दिया गया है।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें : ये हैं दुनिया के टॉप-10 विश्वविद्यालय, जानें इनकी फीस
विज्ञापन
मनु वी देवदेवन ने दक्षिण भारत के सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक इतिहास के बारे में पारंपरिक ज्ञान की महत्वपूर्ण पुर्नव्याख्या की है। देवदेवन के प्रारंभिक अनुसंधान में पूर्व-आधुनिक दक्षिण भारत में राजनीतिक एवं आर्थिक प्रक्रियाएं, दक्षिण भारत में साहित्यिक गतिविधियां और इलाके के प्राचीन शिलालेखों का अध्ययन शामिल हैं।
आपको बता दें कि इस सम्मान प्रतियोगिता में प्रतिष्ठित ज्यूरी ने एक पैनल के माध्यम से 196 आवेदनों में से इन्फोसिस पुरस्कार 2019 के लिए विजेताओं को शॉर्टलिस्ट किया। इन्फोसिस पुरस्कार केवल इन उत्कृष्ट शोधार्थियों को मान्यता प्रदान करता ही नहीं करता, बल्कि इसके माध्यम से ऐसे रोल माडल्स भी तैयार करता है। इसका उद्देश्य युवा दिमाग को करियर विकल्प के रूप में विज्ञान को एक्सप्लोर करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
आईआईटी मंडी के डायरेक्टर डॉ. टीमोथी ए गोंसाल्विस ने इस मौके पर कहा कि यह बहुत बड़ा पुरस्कार है। इसके विजेता मनु वी. देवदेवन को बधाई। यह उपलब्धि सभी के लिए प्रेरणा का काम करेगी।
शिक्षा की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
सरकारी नौकरियों की अन्य खबरों से अपडेट रहने के लिए यहां क्लिक करें।
कमेंट
कमेंट X