यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए लॉन्च हुई स्मार्ट टेस्ट सीरीज, आईआईटी के पूर्व छात्र ने की है ईजाद
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) मद्रास द्वारा शुरू किए गए स्टार्टअप ने यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए एक स्मार्ट टेस्ट सीरीज तैयार की है। यह टेस्ट सीरीज उम्मीदवार द्वारा दिए गए प्रत्येक टेस्ट का डाटा आधारित विश्लेषण देगी। आईआईटी, मद्रास के पूर्व छात्र टी उदय कुमार द्वारा सह-स्थापित स्टार्टअप एक्सेलऑन एकेडमी द्वारा विकसित यह एल्गोरिदम, उम्मीदवार द्वारा दिए गए टेस्ट के आधार पर विश्लेषण कर उनके बेहतर और कमजोर विषयों की जानकारी प्रदान करती है।
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एकेडमी ने आर्थिक रूप से कमजोर 20 उम्मीदवारों को 4,200 यूपीएससी स्तरीय प्रश्न और उनके तीन प्रकार के एनालिसिस का नि:शुल्क मौका देता है। इसके साथ ही चार टेस्ट भी उपलब्ध कराता है, जिसके अंतर्गत स्टैटिक्स, करेंट अफेयर्स और सीएसएटी विषय शामिल हैं। स्टार्टअप ने यह भी दावा किया है कि 5,000 से भी अधिक सिविल सर्विस के उम्मीदवार, आगामी प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी के लिए पहले से ही एक्सेलऑन एकेडमी की सुविधाओं का लाभ ले रहे हैं। यह सीरीज आपको राजनीति विषय में सुधार करने की आवश्यकता है जैसी सामान्य प्रतिक्रिया नहीं देता है बल्कि यह उम्मीदवारों को विशिष्ट कलर-कोड (लाल, पीला, हरा) के द्वारा फीडबैक जैसे आप फंडामेंटल राइट्स, यूनियन एग्जीक्यूटिव में कमजोर हैं, न्यायपालिका में औसत और केंद्र-राज्य संबंधों में मजबूत हैं आदि का फीडबैक देता है।
यूपीएससी सीएसई प्रीलम्स 2021 के लिए केवल कुछ ही महीने शेष हैं। ऐसे में तैयारी को और मजबूत करना व रिवीजन करना ही सफलता की कुंजी होती है। इसलिए सिलेक्टिव रिवीजन को संभव बनाने के लिए यह प्रत्येक गलत जवाब और बिना जवाब वाले प्रश्नों के उत्तर में उम्मीदवारों को उस चैप्टर नंबर की ओर इशारा करता है, जिसे उम्मीदवार को पढ़ने की आवश्यकता है।
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बता दें कि कुमार ने साल 2000 में यूपीएससी इंडियन इंजीनियरिंग सर्विस को पहली बार में ही पास कर लिया था। कुमार कहते हैं कि एक पारंपरिक टेस्ट सीरीज में प्रीलिम्स के स्टैंडर्ड्स पर खरे उतरने पर ही ध्यान केंद्रित किया जाता है। वहीं, उम्मीदवारों के सीखने का पैटर्न, चुनौतियां, ताकत / कमजोरी पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया जाता है। जबकि एक पारंपरिक टेस्ट सीरीज का स्कोर केवल इस बात की ओर इशारा करती है कि उम्मीदवार का प्रदर्शन पूर्ण रूप से अच्छा/औसत/खराब रहा।
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