{"_id":"5ea70ebc8ebc3e905d3bb206","slug":"hrd-minister-to-meet-state-education-ministers-discuss-covid-19-related-issues","type":"story","status":"publish","title_hn":"आज राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से बातचीत करेंगे एचआरडी मंत्री","category":{"title":"Education","title_hn":"शिक्षा","slug":"education"}}
आज राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से बातचीत करेंगे एचआरडी मंत्री
Mon, 27 Apr 2020 10:26 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Mon, 27 Apr 2020 10:26 PM IST
विज्ञापन
रमेश पोखरियाल निशंक
- फोटो : ट्विटर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ ने कोविड-19 से जुड़े मुद्दों और मध्याह्न भोजन कार्यक्रम पर चर्चा करने के लिए आज राज्य के शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुलाई है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। यह बैठक आज दोपहर दो बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होगी।
विज्ञापन
गौरतलब है कि इससे पहले सोमवार को पोखरियाल ने अभिभावकों से ऑनलाइन बातचीत की और लॉकडाउन के चलते पुस्तकों की अनुपलब्धता और बोर्ड परीक्षा की अनिश्चितता समेत विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। शिक्षा मंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वो लॉकडाउन का सदपयोग करें और अपनी पढ़ाई सुचारू रूप से जारी रखें। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं, दीक्षा और ई-पाठशाला जैसे ऑनलाइन प्लेटफार्म का उपयोग करने के लिए भी कहा।
विज्ञापन
शिक्षा मंत्री ने कहा कि इन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म में विद्यार्थियों के लिए बहुत सामग्री है। दीक्षा पर 80 हजार से ज्यादा पाठ्य सामग्री है। बता दें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए देश में दूसरे चरण का लॉकडाउन चल रहा है जो कि तीन मई तक है। लॉकडाउन की वजह से स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थान बंद हैं।
विज्ञापन
मार्च के आखिरी सप्ताह में मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों से विद्यालयों के बंद रहने के बावजूद विद्यार्थियों को मध्याह्न भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा था। पंजाब और कर्नाटक कोविड-19 के चलते पहले ही ग्रीष्मावकाश की घोषणा कर चुके हैं जबकि अन्य राज्य अकादमिक कैलेंडर पर काम कर रहे हैं तथा अकादमिक नुकसान को कम से कम करने के लिए गर्मियों की छुट्टी पहले करने समेत विभिन्न कदमों पर विचार कर रहे हैं।
कमेंट
कमेंट X