बड़ी शख्सियत बनने की चाहत, तो रूटीन में शामिल कर लें सेलिब्रिटीज के ये फॉर्मूले
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अपने आप को जानने के लिए जरूरी है कि खुद की शक्ति को पहचाना जाए। कहते हैं परेशानियां मनुष्य के भीतर की शक्तियों को पहचानने के उजागर करने के लिए ही आती हैं...
उक्त पंक्तियां कुंवर बेचैन की हैं। जमाने में जितने भी कीर्ति पुरुष या कीर्ति महिलाएं हुई हैं उन सभी ने अपने अंदर की खुशबू से काम लिया है। मतलब यह कि उन्होंने अपनी भीतरी शक्ति को पहचाना और उसी से चुनौतियों को पछाड़ा। कहा भी गया है कि अपने को जानने के लिए तथा एक सार्थक जीवन जीने के लिए जरूरी है अपनी ही शक्ति को पहचाना जाए। जिंदगी में कई बार हम मुसीबतों से घिर जाते हैं, इन क्षणों में उथलपुथल मच जाती है, पर यही वह समय होता है जब हम खुद को पहचान पाते हैं। जानें कैसे हम अपनी भीतरी शक्तियों को पहचानें?
विचारों में छिपी है सफलता :
महान दार्शनिक सुकरात ने कहा है कि "एक विचार आपकी जिंदगी बदल सकता है क्योंकि विचार ही मनुष्य के भविष्य का निर्माण करते हैं, लेकिन विचारों के प्रति आस्था का होना जरूरी है तभी वे अपना प्रभाव छोड़ते हैं। विचारों के बारे में यूएस नेशनल साइंस फाउंडेशन ने एक रिसर्च की और पाया कि हमारे विभाग में आमतौर पर एक दिन में करीब 50 हजार विचार आते हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से 70 से 80 फीसदी विचार नकारात्मक होते हैं। याद रखें, अर्थपूर्ण विचार मनुष्य के लिए टॉनिक का काम करते हैं।
खूब मेहनती बनें :
मनुष्य को अपनी इस अंदरूनी ताकत को पहचानना आना चाहिए। कहा भी गया है कि अगर आप मेहनत कर सकते हैं तो आपमें दुनिया की हर चीज खरीदने की ताकत स्वतः आ जाती है। इसी ताकत की बदौलत इंसान हर बार कुछ नया करने के लिए उतावला रहता है। आगे बढ़ने की तमन्ना हो तो कामयाबी भी अपना दरवाजा खोल देती है। हर स्थिति में मजबूती से अपना काम करते रहें। फिर देखिए मेहनत अपना रंग कितना गाढ़ा छोड़ती है।
धैर्य रखें :
मनुष्य की इस अंदरूनी ताकत का कमाल उसे दुनिया में पहचान दिला सकता है। प्रसिद्ध मूर्तिकार रोदिन से किसी ने पूछा कि तुम अनगढ़ पत्थर से ऐसी जीवंत मूर्ति कैसे बना देते हो? रोदिन का उत्तर था कि मैं कुछ नहीं करता सिर्फ धैर्य से पत्थर में जो व्यर्थ है उसे अलग कर देता हूं। कहने का मतलब यह है कि महान कार्य करने के लिए धैर्य बनाए रखना जरूरी होता है। इसी अंदरूनी ताकत के होने पर हम पारिवारिक जीवन में कठिन से कठिन परिस्थितियों से भी बाहर निकल सकते हैं।
अपनी कमजोरियों को पहचानें :
कई बार व्यक्ति से गलती हो जाती है। अतः अपने से हुई गलती को बार-बार दोहराना सबसे बड़ी भूल है। अपनी अंदरूनी ताकत का इस्तेमाल करने पर आपको खुद-ब-खुद उस गलती को सुधारने का रास्ता मिल जाएगा।
रिश्ते मजबूत करें :
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के मुताबिक लोगों के साथ अच्छे रिश्ते रखने वाले लोग आमतौर पर खुशमिजाज और स्वस्थ रहते हैं। अपनी इस अंदरूनी ताकत को भी पहचानें तथा अपने अहम या अभिमान की वजह से अगर रिश्तों में दरार आई है तो सब कुछ भुला रिश्तों को एक चांस और दें। अपनी सोच बदलें। आपको किसी ने कुछ कह दिया या आपके साथ किसी ने कुछ बुरा कर दिया तो यह जरूरी नहीं कि उसके साथ आप भी बुरा ही करें कभी खुद को भी उसके स्थान पर रखकर सोचें कि आखिर उसने आपके साथ ऐसा क्यों किया? इसी से आप सही निर्णय ले पाएंगे। कई बार देखा गया है कि नफरत के एक मिनट में प्यार के कई साल भुला दिए जाते हैं।
शुक्रिया करें :
अपने भीतर शुक्रिया, धन्यवाद जैसे शब्दों को पहली फुर्सत में जगह दें। ये हैं तो बड़े छोटे शब्द पर है बड़े कमाल के, जिससे कह दो वो खिल-खिल जाता है और आपको कभी भूलता भी नहीं। शुक्रिया कहना महज शिष्टाचार नहीं है ये शब्द आपके पूरे व्यक्तित्व का आईना होते हैं इसी आईने में से सामने वाले को नजर आता है कि आप अंदर से कितने विराट, गहरे और बड़े हैं। आप चाहे जितने ऊंचे पद पर हों या आपने चाहे जितनी समृद्धि अर्जित कर ली हो महज शुक्रिया कहने भर से सामने वाला अपने आपको आपके समान समझने लगता है।
एक मौका सबको मिलता है :
कई बार जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव के चलते हम घबरा जाते हैं लेकिन भगवान हर किसी के अंदर ऐसी ताकत जरूर देता है कि वह अपनी किस्मत नए सिरे से लिखें। भगवान ने हमें धरती पर अच्छे काम के लिए ही भेजा है। प्यार खुद से करें तथा पहचानिए अपने भीतर की ताकत और करिए खुद से भी प्रेम तथा अपनों में प्रेम बांटकर बिना पैसे का जादू चलाते रहिए तथा दूसरों का दुख दूर करते रहिए।
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