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#हिंदीहैंहम: जानिए 14 सितंबर को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी दिवस?

Mon, 14 Sep 2020 10:59 AM IST
शुभांगी गुप्ता एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शुभांगी गुप्ता Updated Mon, 14 Sep 2020 10:59 AM IST
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Hindi Diwas 2020 why it is celebrated on 14 september
हिंदी दिवस 2020

आज देशभर में हर वर्ष की तरह इस साल भी 14 सितंबर को हिंदी दिवस (hindi diwas) मनाया जा रहा है। आज के ही दिन हिंदी को देश की राजभाषा का दर्जा दिया गया था। आज कई देशों में लोग हिंदी भाषा का इस्तेमाल करते हैं। एक अध्ययन के मुताबिक दुनियाभर में बोली जाने वाली तीसरी सबसे बड़ी भाषा हिंदी है। हिंदी के प्रोत्साहन की दृष्टि से इस दिवस के आयोजन का महत्त्वपूर्ण स्थान है। इस मौके पर आइए जानते हैं हिंदी दिवस के इतिहास से जुड़ी कुछ रोचक बातें....

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सन् 1947 में देश आजाद होने के बाद सबसे अहम मुद्दा था कि किस भाषा को राष्ट्रीय भाषा का दर्जा दिया जाए। काफी सोच विचार के बाद हिंदी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की भाषा चुना गया। इसका उल्लेख संविधान के अनुच्छेद 343 (1) में किया गया है, जिसके अनुसार भारत की राजभाषा ‘हिंदी’ और लिपि ‘देवनागरी’ है। सन् 1953 से 14 सितंबर के दिन हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत हुई।

क्योंकि हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिल गया था तो गैर हिंदी भाषी लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया था, जिसके कारण अंग्रेजी को भी आधिकारिक भाषा बनाया गया। हिंदी की सबसे अच्छी बात ये है कि यह समझने में बहुत आसान है, इसे जैसा लिखा जाता है इसका उच्चारण भी उसी प्रकार किया जाता है। हमारे देश में 77 प्रतिशत लोग हिंदी बोलते, समझते और पढ़ते हैं। आधिकारिक काम-काज की भाषा के तौर पर भी हिंदी का उपयोग होता है।

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गांधी जी ने हिंदी को जनमानस की भाषा कहा था। सन् 1918 में हिंदी साहित्य सम्मेलन में गांधी जी ने हिंदी को राष्ट्रीय भाषा बनाने को कहा था। जब हिंदी को राजभाषा के रूप में स्वीकार किया गया, तब देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉक्टर राजेन्द्र प्रसाद ने हिंदी के प्रति गांधी जी के प्रयासों को याद किया। देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने इस दिन के महत्व को देखते हुए इस दिन को हिंदी दिवस के रूप में मनाने को कहा था। भारत देश के नागरिक होने के नाते हम सबका कर्तव्य बनता है कि हम हिंदी को आगे बढ़ाने का प्रयास करें। अपने काम-काज की भाषा के रूप में हिंदी का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें। इसके अलावा हिंदी के प्रोत्साहन के लिए आज के दिन पुरस्कार भी दिए जाते हैं। जैसे- राजभाषा कीर्ति पुरस्कार और राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार।

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