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अच्छी खबर: अब कर सकेंगे चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स, इसी सत्र से मिलेगा मौका

Fri, 26 Jul 2019 09:21 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Fri, 26 Jul 2019 09:21 AM IST
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Govt introduced 4 years integrated B.Ed with BA, BCom, BSc, course to start from current session

बैचलर ऑफ एजुकेशन (बीएड) करने के लिए अब ग्रेजुएशन के बाद अलग से दो साल का कोर्स करने की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इंटीग्रेटेड बीएड शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। गुरुवार को राज्य सभा में इसकी जानकारी दी गई।

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प्रश्न काल में मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि चार साल के इंटीग्रेटेड बीएड कोर्स के लिए अधिसूचना भी जारी की जा चुकी है। यह कोर्स विश्वविद्यालयों व कॉलेजों में इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू होगा। इस कोर्स के लिए सिलेबस भी तैयार किया जा चुका है। यह कोर्स विद्यार्थियों के लिए काफी फायदेमंद साबित होगा। इसके जरिए अभ्यर्थी अपना एक साल बचा सकेंगे।
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किन कोर्सेज के साथ कर सकेंगे इंटीग्रेटेड बीएड

  • मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि अब जो भी संस्थान इसके लिए इच्छुक हैं, वे इसी सत्र से यह कोर्स शुरू कर सकते हैं।
  • अभ्यर्थी बैचलर ऑफ आर्ट्स (बीए), बैचलर ऑफ साइंस (बीएससी) और बैचलर ऑफ कॉमर्स (बीकॉम) के साथ-साथ अपनी बीएड की पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। इस पूरे कोर्स के लिए उन्हें पांच की जगह अब सिर्फ चार साल का समय देना होगा। वहीं, बीएड के लिए स्नातक के बाद अलग से किसी संस्थान में दाखिले की भागदौड़ भी नहीं करनी होगी।

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शिक्षकों की भर्ती और TET के बारे में दी ये अहम जानकारी

  • पोखरियाल ने इस दौरान शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया, उनके प्रशिक्षण और शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के बारे में भी जानकारी दी। 
  • पोखरियाल ने बताया कि संशोधित शिक्षा का अधिकार कानून के तहत सभी शिक्षकों को प्रशिक्षण लेना अनिवार्य है। जिन्होंने प्रशिक्षण नहीं लिया है, वे 31 अक्टूबर 2019 तक प्रशिक्षण ले सकते हैं।
  • बताया कि 2015 तक 7 लाख शिक्षकों का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। लेकिन अब भी कई शिक्षकों का प्रशिक्षण बाकी है।
  • देश में 19,542 टीचर्स ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट हैं जो 25,876 कोर्सेस संचालित कर रहे हैं।
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नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (एनसीटीई) ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार, संबंधित सरकार को साल में कम से कम एक बार टीईटी कराना है। टीईटी पास करने के बाद इसके आधार पर नियुक्ति पाने की वैधता संबंधित सरकार निर्धारित कर सकती है। लेकिन यह 7 साल से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।


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