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अच्छी खबरः अब निजी मेडिकल कॉलेजों के छात्रों को भी मिलेंगे सरकारी की तरह पैसे

Tue, 20 Aug 2019 04:05 PM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Tue, 20 Aug 2019 04:05 PM IST
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Good News Private Medical college MBBS students will be paid for Internship as govt college students
mbbs students - फोटो : amar ujala

निजी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस का कोर्स करने वाले स्टूडेंट्स के लिए अच्छी खबर है। अब उन्हें भी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स की तरह ही इंटर्नशिप के दौरान पैसे दिए जाएंगे। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (MCI) की ओर से इस संबंध में रखे गए प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

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एमसीआई के बोर्ड ऑफ गवर्नर की ओर से कहा गया है कि सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान स्टाइपेंड दी जाती है। जबकि निजी मेडिकल कॉलेजों से पढ़ रहे छात्रों को किसी तरह का भुगतान नहीं किया जाता। लेकिन अब इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिलने से ये भेदभाव खत्म होगा। इस संबंध में अन्य औपचारिकताएं भी जल्द पूरी कर ली जाएंगी।
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बता दें कि निजी मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स लंबे समय से इसकी मांग कर रहे थे। एमसीआई के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के समझ उनकी मांग पहुंची थी। इस पर बोर्ड ऑफ गवर्नर्स ने फैसला लिया है। इसके अनुसार, अगर किसी निजी मेडिकल कॉलेज का छात्र उसी कॉलेज के अस्पताल में इंटर्नशिप करता है, तो अस्पताल को उस छात्र को स्टाइपेंड देना होगा। लेकिन अगर छात्र किसी दूसरे अस्पताल से इंटर्नशिप करेगा तो उसे स्टाइपेंड देना अनिवार्य नहीं किया गया है। 

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सरकारी मेडिकल कॉलेजों के स्टूडेंट्स को कितना मिलता है स्टाइपेंड?

सरकारी मेडिकल कॉलेजों से एमबीबीएस करने वाले स्टूडेंट्स को अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी होने के बाद इंटर्नशिप करना अनिवार्य होता है। इसके लिए अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग स्टाइपेंड की राशि तय की गई है। उन्हें 6 हजार रुपये प्रति माह से लेकर 20 हजार रुपये प्रति माह तक का स्टाइपेंड दिया जाता है। जबकि निजी मेडिकल कॉलेज बिना किसी स्टाइपेंड के अपने स्टूडेंट्स को इंटर्नशिप कराते हैं।

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