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जीएलए विश्वविद्यालय के प्रोफेसर योगेश मूर्ति सीपीसीएसईए के हिस्सा बने
टीम डिजिटल/ अमर उजाला
Updated Wed, 03 Jan 2018 05:45 PM IST
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जीएलए विश्वविद्यालय
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नई दिल्ली में भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय व पशु कल्याण विभाग के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा से फार्मेसी विभाग के योगश मूर्ति ने भाग लिया और उनको सीपीसीएसईए कमेटी में प्रतिभाग करने के लिए सदस्य के रूप में चयनित किया गया है।
सदस्य के रूप में चयनित हुए जीएलए विश्वविद्यालय फार्मेसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर योगेश मूर्ति ने बताया कि नई दिल्ली में उन्होंने सर्वप्रथम अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इसी प्रशिक्षण के आधार पर उन्हें सीपीसीएसईए का सदस्य मनोनीत किया गया है।
उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित हुई दो दिवसीय कार्यशाला में देश के कोने-कोने से 170 प्रतिभागी शामिल हुए। इस कार्यशाला में जानवरों के प्रयोगों पर नियंत्रण और पर्यवेक्षण के उद्देश्य के लिए समिति बनाई गई। इस दौरान लैबोरेटरी एनिमल की सुविधा के दिशा-निर्देश तय किए गए और अनुसंधान और शिक्षा में प्रयोग में लाये जाने वाले निर्धारित विभिन्न मानदंडों और शर्तों को बारीकी से समझाया गया।
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सदस्य के रूप में चयनित हुए जीएलए विश्वविद्यालय फार्मेसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर योगेश मूर्ति ने बताया कि नई दिल्ली में उन्होंने सर्वप्रथम अपना प्रशिक्षण पूरा किया। इसी प्रशिक्षण के आधार पर उन्हें सीपीसीएसईए का सदस्य मनोनीत किया गया है।
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उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित हुई दो दिवसीय कार्यशाला में देश के कोने-कोने से 170 प्रतिभागी शामिल हुए। इस कार्यशाला में जानवरों के प्रयोगों पर नियंत्रण और पर्यवेक्षण के उद्देश्य के लिए समिति बनाई गई। इस दौरान लैबोरेटरी एनिमल की सुविधा के दिशा-निर्देश तय किए गए और अनुसंधान और शिक्षा में प्रयोग में लाये जाने वाले निर्धारित विभिन्न मानदंडों और शर्तों को बारीकी से समझाया गया।
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फार्मेसी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर योगेश मूर्ति को मिली इस उपलब्धि पर विभाग के निदेशक प्रो. प्रदीप मिश्रा और विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने शुभकामनाएं दी और मनोनीत सदस्यों को पशु कल्याण क्षेत्र में कार्य करने के लिए एवं पशु कल्याण के शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए पे्ररित किया।
क्या है सीपीसीएसईए
कमेटी परपज ऑफ कंट्रोल एंड सुपरविजन ऑफ एक्सपेरीमेंट्स ऑन एनीमल्स (सीपीसीएसईए) का प्रमुख उद्देश्य अनावश्यक दर्द या पीड़ा दिये जाने को रोकना है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना है कि पशुओं पर किए जाने वाले प्रयोगों से पहले, उनके दौरान या बाद में उन्हें अनावश्यक मारना, दर्द या पीड़ा दिए जाने को रोकना है।
इस प्रयोजन से सरकार ने पशुओं पर किए जाने वाले प्रयोगों को विनियमित करने के लिए ‘‘पशुओं का प्रजनन और उन पर प्रयोग नियंत्रण और पर्यवेक्शण नियम 1998‘‘ बनाया है जिसे वर्श 2001 और 2006 में संसोधित किया गया है।
क्या है सीपीसीएसईए
कमेटी परपज ऑफ कंट्रोल एंड सुपरविजन ऑफ एक्सपेरीमेंट्स ऑन एनीमल्स (सीपीसीएसईए) का प्रमुख उद्देश्य अनावश्यक दर्द या पीड़ा दिये जाने को रोकना है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाना है कि पशुओं पर किए जाने वाले प्रयोगों से पहले, उनके दौरान या बाद में उन्हें अनावश्यक मारना, दर्द या पीड़ा दिए जाने को रोकना है।
इस प्रयोजन से सरकार ने पशुओं पर किए जाने वाले प्रयोगों को विनियमित करने के लिए ‘‘पशुओं का प्रजनन और उन पर प्रयोग नियंत्रण और पर्यवेक्शण नियम 1998‘‘ बनाया है जिसे वर्श 2001 और 2006 में संसोधित किया गया है।
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