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Gandhi Jayanti 2020: गांधी जी के छह प्रेरक विचार जो आपका जीवन बदल देंगे
Fri, 02 Oct 2020 07:29 AM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Fri, 02 Oct 2020 07:29 AM IST
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महात्मा गांधी
- फोटो : अमर उजाला
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भारत को अंग्रेजी हुकूमत से आजादी दिलाने में महात्मा गांधी का योगदान अतुलनीय है। उनका जन्म दो अक्तूबर 1869 को गुजरात के पोरबंदर में हुआ। माता का नाम पुतलीबाई और पिता का नाम करमचंद गांधी था। गांधी जी आजीवन सादा-जीवन और उच्च विचारों के आदर्श पर चले। 1930 में उन्होंने दांडी मार्च और 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत की।
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गांधी जी का कहना था, "अहिंसा बहादुर के लिए होती है, कायरों के लिए नहीं।" उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जितने भी आंदोलन किए सभी अहिंसा पर आधारित थे। गांधी जी को पहली बार कवि रविन्द्र नाथ टैगोर ने महात्मा शब्द से संबोधित किया था। 1915 गांधी जी और टैगोर की पहली मुलाकात शांति निकेतन में हुई थी। उन्हें बापू नाम बिहार के चंपारण जिले के रहने वाले एक किसान से मिला था। जिसका नाम राजकुमार शुक्ल था। उन्हें पहली बार राष्ट्रपति सुभाषचन्द्र बोस ने संबोधित किया था।
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गांधी जी के छह अनमोल विचार
- खुद वो बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।
- आपको मानवता में विश्वास नहीं खोना चाहिए। मानवता सागर के समान है, यदि सागर की कुछ बूंदें गंदी हैं, तो पूरा सागर गंदा नहीं हो जाता।
- पाप से घृणा करो, पापी से प्रेम करो।
- स्वयं को जानने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है, स्वयं को औरों की सेवा में लगा देना।
- प्रेम की शक्ति दंड की शक्ति से हजार गुनी प्रभावशाली और स्थायी होती है।
- व्यक्ति अपने विचारों से निर्मित प्राणी है, वह जो सोचता है वही बन जाता हैं।
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