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Hindi News ›   Education ›   Finance Minister Nirmala Sitharaman invites US univarsities to start operation at IFSC 

अमेरिका: वित्त मंत्री सीतारमण ने अमेरिकी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से की चर्चा, भारत में स्थापना का दिया न्योता

Sat, 23 Apr 2022 03:08 PM IST
सुभाष कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: सुभाष कुमार Updated Sat, 23 Apr 2022 03:08 PM IST
सार

वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शइ योजना के तहत विश्वविद्यालयों के लिए शत प्रतिशत विदेशी स्वामित्व शामिल है। इसमें मुनाफे के प्रत्यावर्तन पर कोई प्रतिबंध नहीं है और न ही इसपर कोई घरेलू कानून लागू होगा।

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Finance Minister Nirmala Sitharaman invites US univarsities to start operation at IFSC 
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अमेरिकी दौरे पर हैं। इस दौरान उन्होंने शुक्रवार को 14 प्रतिष्ठित अमेरिकी विश्वविद्यालयों के प्रतिनिधियों से बात की और उन्हें भारत के गांधीनगर स्थित अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र (IFSC) में विदेशी विश्वविद्यालय/संस्थान को शुरू करने का निमंत्रण दिया। 

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बजट 2022-23 ने गुजरात की राजधानी गांधीनगर में स्थित गिफ्ट सिटी में विश्वस्तरीय विदेशी  विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता साफ कर दिया था। यह संस्थान वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में कुशल जनशक्ति की उपलब्धता को सुविधाजनक बनाने के लिए, घरेलू नियमों से मुक्त होंगे। बता दे कि वर्तमान में, गिफ्ट-आईएफएससी भारत में पहला अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र है।
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वित्त मंत्रालय ने इस मुद्दे पर अपने एक ट्वीट में कहा कि आईएफएससी की अंतर्निहित क्षमता को देखते हुए, बजट 2022-23 की घोषणा ने विश्व स्तरीय विदेशी विश्वविद्यालयों को गिफ्ट सिटी में वित्तीय प्रबंधन, फिनटेक, विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित में पाठ्यक्रम पेश करने की अनुमति देने का मार्ग प्रशस्त किया है। ट्वीट में आगे बताया गया कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कई प्रतिष्ठित अमेरिकी विश्वविद्यालयों के साथ वीसी के माध्यम से बातचीत की। इसका मकसद गिफ्ट सिटी में देशी विश्वविद्यालयों / संस्थानों की स्थापना के अवसर का पता लगाना था। 
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वित्त मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शइ योजना के तहत विश्वविद्यालयों के लिए शत प्रतिशत विदेशी स्वामित्व शामिल है। इसमें मुनाफे के प्रत्यावर्तन पर कोई प्रतिबंध नहीं है और न ही इसपर कोई घरेलू कानून लागू होगा। इससे भारतीय छात्रों, संकाय और वित्तीय उद्योग के साथ सहयोग करने का अवसर प्राप्त होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह योजना वित्तीय सेवा उद्योग के साथ-साथ आईएफएससी से संचालित विदेशी विश्वविद्यालयों के लिए एक अच्छा अवसर है। इससे भविष्य में आवश्यक कौशल के विकास के लिए एक आदर्श वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र बनेगा। 


वित्त मंत्री के अलावा इस बैठक में अमेरिका में भारत के राजदूत तरनजीत एस संधू , मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन और वर्चुअली अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय सेवा केंद्र प्राधिकरण (IFSCA) के अध्यक्ष इंजेती श्रीनिवास भी शामिल हुए।

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