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CBSE: टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित छात्रों को सीबीएसई परीक्षा में अधिक समय देने की मांग, केरल SHRC ने मांगी रिपोर्ट
Sun, 17 Nov 2024 05:22 PM IST
शाहीन परवीन
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: शाहीन परवीन
Updated Sun, 17 Nov 2024 05:22 PM IST
सार
SHRC: केरल राज्य मानवाधिकार आयोग ने टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित छात्रों को परीक्षा में अतिरिक्त समय देने के मामले में सीबीएसई से रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट केरल की एसएसएलसी और प्लस टू परीक्षाओं में पहले से लागू इसी तरह के प्रावधानों को उजागर करने वाली याचिका के बाद आई है।
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School Student
- फोटो : freepik
विस्तार
SHRC: केरल राज्य मानवाधिकार आयोग (SHRC) ने टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित छात्रों के लिए परीक्षा में अतिरिक्त समय की मांग वाली याचिका पर केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से रिपोर्ट मांगी है।
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आयोग द्वारा शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया कि एसएचआरसी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति अलेक्जेंडर थॉमस ने सीबीएसई और सामान्य शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव से एक महीने के भीतर रिपोर्ट मांगी है।
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बुशरा शिहाब द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि केरल सरकार पहले से ही एसएसएलसी और प्लस टू परीक्षा में बैठने वाले टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित छात्रों के लिए प्रति घंटे 20 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान करती है।
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उन्होंने मांग की है कि सीबीएसई परीक्षा में भी यही पैटर्न अपनाया जाए। उन्होंने अपनी याचिका में यह भी कहा कि राज्य में 8,000 से अधिक बच्चे हैं और देश में 8 लाख से अधिक बच्चे टाइप 1 मधुमेह से पीड़ित हैं।
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