फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   DUSU Elections 2026: Jat vs Meena Political Battle to Take Center Stage in President Race

डूसू: इस बार चुनाव में दिखेगी जाट बनाम मीणा की सियासी जंग, अध्यक्ष पद पर मुकाबला दिलचस्प

Sat, 12 Sep 2026 12:33 PM IST
शाहीन परवीन रश्मि शर्मा
रश्मि शर्मा Published by: शाहीन परवीन Updated Sat, 12 Sep 2026 12:33 PM IST
सार

डूसू चुनाव में इस बार अध्यक्ष पद के मुकाबले में जाट बनाम मीणा का सियासी समीकरण देखने को मिलेगा। NSUI ने मीणा उम्मीदवार पर दांव लगाया है, जबकि ABVP ने जाट उम्मीदवार को मैदान में उतारा है।

विज्ञापन
DUSU Elections 2026: Jat vs Meena Political Battle to Take Center Stage in President Race
DUSU Election 2026 - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक

विस्तार

डूसू चुनाव में इस बार जाट बनाम मीणा की सियासी जंग देखने को मिलेगी। मुख्य प्रतिद्वंदी एनएसयूआई ने जहां अध्यक्ष पद पर राजस्थान के मीणा पर अपना दांव खेला हैं, वहीं एबीवीपी ने जाट उम्मीदवार पर भरोसा जताया है। जबकि हर साल दोनों संगठन आमने-सामने जाट जाट, या जाट-गुर्जर को उतारते हैं, लेकिन इस बार समीकरण थोड़े बदले गए हैं।

विज्ञापन


अध्यक्ष पद की दौड़ में मीणा समुदाय के बीच राजनीतिक संतुलन साधने की कोशिश साफ नजर आ रही है। एनएसयूआई ने अध्यक्ष पद के लिए राजस्थान से आने वाले उम्मीदवार को मैदान में उतारकर एक मजबूत सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है, वहीं सहसचिव पद पर भी राजस्थान के एक अन्य चेहरे को टिकट दिया गया है। कहा जा रहा है कि एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ राजस्थान से आते हैं, ऐसे में राजस्थान से दो उम्मीदवार बनाए गए हैं। वहीं एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर जाट, उपाध्यक्ष पद पर मौर्य, सचिव पद पर गुर्जर व सहसचिव पद पर राजपूत समुदाय के प्रत्यार को उतार कर दांव खेला है।

विज्ञापन

टिकट बंटवारे में दिखी अंदरूनी खींचतान

एनएसयूआई के टिकट बंटवारे ने संगठन के भीतर चल रही खींचतान सामने ला दी है। टिकट बंटवारे के बाद एनएसयूआई से टिकट मांग रहे चार प्रत्याशी आपस में भिड़ गए। एनएसयूआई से दीपांशु शौकीन और विशेष यादव भी टिकट मांग रहे थे लेकिन उन्हें टिकट नहीं मिला, जबकि उन्हें पूरी उम्मीद थी। इनके बजाय वीर चतरथ और गोपाल चौधरी को उम्मीदवार बनाया गया। इस कारण चारों में काफी मार-पिटाई भी हुई। बताया जा रहा है कि समर्थकों के बीच हुई इस झड़प में गोपाल चौधरी के सिर में चोटें आई हैं। टिकट बंटवारे से नाराज दीपांशु शौकीन ने तो निर्दलीय लड़ने का फैसला किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed