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डीयू के 4 कोर्सेज से हटेगी विवादास्पद सामग्री, जानें पूरा मामला
Mon, 22 Jul 2019 11:58 AM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Mon, 22 Jul 2019 11:58 AM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय की कार्यकारी परिषद ने 4 कोर्सेज में संशोधित सिलेबस के विवादित अंश को वापस करने का फैसला लिया है। बीते शनिवार से रविवार रात तक चली ईसी की बैठक में विवादित कोर्सेज को छोड़कर अन्य कोर्सेस को हरी झंडी दे दी गई।
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डीयू की विद्वत परिषद की बैठक में कोर्सेज के जिन विवादित अंशों का विरोध किया गया, उनमें दिल्ली विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग के कोर्स भी शामिल हैं। इस कोर्स में गुजरात व मुजफ्फरनगर दंगों जैसी विवादास्पद सामग्री है। ज्ञात हुआ है कि इस कोर्स में वर्ष 2002 के गुजरात दंगे व 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों को लेकर अध्याय शामिल हैं। अंग्रेजी विभाग ने इस अंश को हटाने का पहले ही फैसला ले लिया है। इसके अलावा एलजीबीटीक्यू के इतिहास को लेकर विवादित अंश भी पाठ्यक्रम में शामिल है।
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कार्यकारी परिषद के सदस्य डॉ. राजेश झा ने बताया कि विद्वत परिषद की बैठक में उक्त कोर्सेज के अलावा इतिहास, राजनीति शास्त्र व समाज शास्त्र के कोर्स में भी विवादस्पद अंशों का विरोध किया गया। इसके अलावा केमिस्ट्री का एक पेपर भी वापस विभाग को भेजा गया है। कहा गया कि इन कोर्सेज को 31 जुलाई तक पूरी प्रक्रिया के साथ संशोधित कर लिया जाए। इसमें कमेटी ऑफ कोर्सेज, फैकल्टी कमेटी व ओवरसाइट कमेटी की प्रक्रिया शामिल है।
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इसको लेकर डॉ. झा व अन्य सदस्य जेएल गुप्ता ने कहा कि जब तक सिलेबस संशोधित नहीं होता है, तब तक इन कोर्सेज में पढ़ाई कैसे होगी। कार्यकारी परिषद की बैठक में स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग में सत्र 2019-20 से ही च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम को लागू करने का फैसला लिया गया है। बैठक में लॉ फैकल्टी में प्रमोशन का मुद्दा भी उठाया गया। गेस्ट लेक्चर की नई गाइडलाइंस लागू करने का भी फैसला लिया गया। इसमें तय किया गया है कि गेस्ट लेक्चर की नियुक्ति केन्द्रीयकृत तरीके से होगी। बता दें कि अभी तक गेस्ट लेक्चर कॉलेज स्तर पर ही रखे जा सकते थे, लेकिन अब इसकी नियुक्ति डीयू स्तर पर होगी। इस दौरान बैठक हॉल के गेट पर धरना भी दिया गया।
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