फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Dreaming to studying in America? Understand the difference between F-1 and M-1 visa before admission

Study Abroad: अमेरिका में पढ़ाई का करने का है सपना...? एडमिशन से पहले समझें एफ-1 और एम-1 वीजा के बीच अंतर

Tue, 25 Feb 2025 05:49 PM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Tue, 25 Feb 2025 05:49 PM IST
सार

Study Abroad: अमेरिका में पढ़ाई करने के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए एफ-1 और एम-1 वीजा दो मुख्य विकल्प हैं। एफ-1 वीजा शैक्षणिक डिग्री प्रोग्राम के लिए होता है, जबकि एम-1 वीजा व्यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रमों के लिए दिया जाता है। अगर आप भी एडमिशन लेने जा रहे हैं तो सही वीजा का चयन करना आपके लिए बेहद जरूरी है।

विज्ञापन
Dreaming to studying in America? Understand the difference between F-1 and M-1 visa before admission
Study Abroad - फोटो : अमर उजाला, ग्राफिक

विस्तार

Student Visa Explained: अमेरिका में पढ़ाई करना लाखों भारतीय छात्रों का सपना होता है, लेकिन एडमिशन से पहले सही वीजा का चुनाव करना बेहद जरूरी है। अमेरिका में पढ़ाई के लिए मुख्य रूप से एफ-1 और एम-1 वीजा उपलब्ध हैं, जो अलग-अलग प्रकार के शैक्षणिक और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए जारी किए जाते हैं। इन वीजा श्रेणियों के नियम, कार्य-अवसर, और अध्ययन की अवधि में महत्वपूर्ण अंतर होते हैं। 

विज्ञापन


यदि आप अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं, तो यह समझना आवश्यक है कि आपके पाठ्यक्रम के अनुसार कौन सा वीजा उपयुक्त होगा। सही जानकारी और तैयारी से आप अपने अमेरिकी शिक्षा के सपने को बिना किसी परेशानी के साकार कर सकते हैं।

विज्ञापन
 
फर्क के आधार पर F-1 वीजा M-1 वीजा
उद्देश्य शैक्षणिक (Academic) कोर्स जैसे बैचलर, मास्टर, पीएचडी, और भाषा पाठ्यक्रम के लिए व्यावसायिक (Vocational) या तकनीकी कोर्स के लिए
संस्थान का प्रकार विश्वविद्यालय, कॉलेज, हाई स्कूल, भाषा स्कूल टेक्निकल, स्किल-बेस्ड और करियर-ट्रेनिंग स्कूल
कार्य की अनुमति ऑन-कैंपस पार्ट-टाइम जॉब की अनुमति, कुछ मामलों में ऑफ-कैंपस भी पढ़ाई के दौरान काम करने की अनुमति नहीं
कोर्स की अवधि कोर्स की अवधि के अनुसार + ग्रेस पीरियड केवल कोर्स की निर्धारित अवधि तक
OPT (Optional Practical Training) कोर्स पूरा करने के बाद 12-36 महीने तक काम करने की अनुमति OPT की अनुमति नहीं
वीजा स्टेटस में बदलाव बाद में H-1B वीजा या ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई कर सकते हैं स्टेटस बदलना कठिन होता है

एफ-1 (F-1) और एम-1 (M-1) वीजा कब है बेहतर?

अगर आप अमेरिका में बैचलर, मास्टर या पीएचडी करना चाहते हैं। यदि आप कोर्स पूरा करने के बाद अमेरिका में जॉब और OPT (Optional Practical Training) का लाभ उठाना चाहते हैं और आप पढ़ाई के दौरान पार्ट-टाइम ऑन-कैंपस जॉब करना चाहते हैं। यदि आप लंबे समय के लिए अमेरिका में रहने और बाद में H-1B वीजा या ग्रीन कार्ड के लिए अप्लाई करना चाहते हैं।
 

आप किसी व्यावसायिक (Vocational) या तकनीकी कोर्स में एडमिशन लेना चाहते हैं। यदि आपका कोर्स शॉर्ट-टर्म है और आपको अमेरिका में लंबे समय तक नहीं रुकना। यदि आपको पढ़ाई के दौरान काम करने की जरूरत नहीं है और आपका लक्ष्य केवल स्किल-डिवेलपमेंट करना है, न कि वहां नौकरी पाना।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed