MBBS डिग्री होने के बावजूद, इस एग्जाम के बिना आप भारत में नहीं कर पाएंगे डॉक्टरी, जानें ऐसा क्यों है
इस एग्जाम में फेल होने के कारण बीते 10 सालों में विदेश से एमबीबीएस करने वाले 95000 छात्र भारत में डॉक्टर नहीं बन पाए। आगे पढ़ें...
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नीट यूजी परीक्षा रिजल्ट आने के बाद देश के सरकारी कॉलेजों में एमबीबीएस सीट की संभावना नहीं होने पर अभिभावक और छात्र विदेश से एमबीबीएस(MBBS Abroad) का प्लान करते हैं। जिसमें सामान्यत: अभिभावक विदेश में दाखिले के लिए एडमिशन एजेंट्स से संपर्क करते हैं। हालांकि सिर्फ एडमिशन लेना डॉक्टर बनने के सपने को पूरा नहीं करता। विदेश में एमबीबीएस डिग्री हासिल करने के बाद भारत में प्रैक्टिस के लिए आपको एक टेस्ट भी पास करना होगा। जिसके बिना आपका एमबीबीएस डिग्री भारत में किसी काम का नहीं। क्योंकि बिना लाइसेंस आपको यहां प्रैक्टिस की अनुमति नहीं मिलने वाली। भारत सरकार के राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग नेशनल एग्जिट टेस्ट (NExT) को सभी एमबीबीएस डिग्री धारकों के लिए अनिवार्य बनाया है। अगर भारत में प्रैक्टिस लाइसेंस पाना है तो हर एमबीबीएस डिग्री धारी को ये टेस्ट देना होगा। विदेश से एमबीबीएस के बाद इससे पहले भारत में लाइसेंसिंग के लिए FMGE टेस्ट कराया जाता था।
जिसमें छात्रों का सफल होने का अनुपात बहुत बेहतर नहीं रहा।
सफलता मोक्ष टोल फ्री नंबर - 1800-571-0202
बीते 10 वर्षों में एफएमजीई परीक्षा और उसके सफल छात्रों का प्रतिशत
| FMGE परीक्षा वर्ष | सफल छात्र प्रतिशत |
| 2013 | 16.5% |
| 2014 | 20.0% |
| 2015 | 12.2% |
| 2016 | 8.08% |
| 2017 | 13.89% |
| 2018 | 10.2% |
| 2019 | 20.7% |
| 2020 | 9.94% |
| 2021 | 23.91% |
| 2022 | 10.61% |
| 2023 | 20.57% |
आपने पढ़ा, किस तरह से बीते 10 वर्षों में FMGE के नतीजे रहे हैं। असल समस्या एमबीबीएस में एडमिशन लेना नहीं है। दरअसल एमबीबीएस डिग्री हासिल करने के बाद अगर आपको भारत में प्रैक्टिस के लिए आयोजित होने वाला NExT(पहले FMGE) एग्जाम ही क्लीयर नहीं हुआ तो आप भारत में डॉक्टर नहीं बन पाएंगे। तो क्या आप एमबीबीएस डिग्री हासिल करने के बाद सिर्फ नाम के आगे डॉक्टर लिखवाना चाहते हैं या देश में एक लाइसेंसधारी डॉक्टर की भांति मरीजों की देखभाल करना चाहते हैं। अगर आप भी असमंजस में हैं समझ नहीं पा रहे कि एग्जिट एग्जाम की तैयारी कैसे करें। किस प्लेटफॉर्म के जरिये विदेश में दाखिला ले ताकि आपको एमबीबीएस एडमिशन के साथ एग्जिट एग्जाम की तैयारी भी कराई जाए। तो सफलता मोक्ष कॅरिअर काउंसलर्स से बात करें। इस लिंक MBBS Abroad पर रजिस्टर कर आप न सिर्फ विदेश की टॉप रैंक्ड यूनिवर्सिटीज में एमबीबीएस सीट के विकल्प जान सकते हैं बल्कि एडमिशन एजेंटों से कम बजट में दाखिला भी ले सकते हैं।
एडमिशन एजेंट और सफलता कॅरिअर प्लानर में अंतर
सर्वे के अनुसार एडमिशन एजेंट द्वारा विदेशी यूनिवर्सिटीज में दाखिला लेने वाले 80 प्रतिशत छात्र भारत के लाइसेंसिंग एग्जाम में फेल हो जाते हैं। बीते 10 वर्ष का आंकड़ा आप ऊपर पढ़ सकते हैं। जिसमें बीते 10 वर्षों में 1.20 लाख से अधिक छात्र विदेश से एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए गए हैं। लेकिन इन छात्रों में से भारत में केवल 25 हजार छात्र ही प्रैक्टिसिंग लाइसेंस हासिल कर पाए हैं। बचे 95 हजार ग्रेजुएट्स भारत में डॉक्टरी का प्रैक्टिस लाइसेंस नहीं पा सके। जबकि इन सभी छात्रों ने 6 वर्ष लगाकर तकरीबन 30 लाख रुपये खर्च करके एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी। उनका ये फैसला गलत साबित हुआ सिर्फ एक गलती के कारण कि उन्होंने एमबीबीएस में दाखिला तो लिया लेकिन एग्जिट एग्जाम की तैयारी नहीं की। उन्होंने एडमिशन एजेंट को चुना जिसके कारण यह परिणाम उन्हें मिला। अगर वह सफलता मोक्ष जैसे कॅरिअर प्लानर को चुनते तो उन्हें भारत में प्रैक्टिस लाइसेंस जरूर मिल जाता। तो आप एडमिशन एजेंट न चुनकर सफलता मोक्ष को चुनें। हमें इस नंबर पर कॉल कर अपनी सभी शंकाओं का समाधान पाएं। सफलता मोक्ष टोल फ्री नंबर -1800-571-0202
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