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गूगल मैप नापेगा घर से स्कूल की दूरी, इस आधार पर मिलेंगे सबसे ज्यादा अंक

Sun, 01 Dec 2019 11:59 AM IST
रत्नप्रिया रत्नप्रिया एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: रत्नप्रिया रत्नप्रिया Updated Sun, 01 Dec 2019 11:59 AM IST
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Delhi Nursery admission 2019 2020 2021, Schools to measure school home distance from google map
स्कूली छात्र (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला

निजी स्कूलों में नए शैक्षणिक सत्र के लिए प्री-प्राइमरी से लेकर पहली कक्षा (Nursery, KG and class 1) तक में दाखिले की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बच्चों के दाखिले के लिए हजारों अभिभावक, स्कूलों के चक्कर काट रहे हैं। स्कूलों ने भी अपने-अपने नियम बना रखे हैं। इनकी वेबसाइट्स पर दाखिले को लेकर जरूरी मानदंडों की जानकारी अपलोड की जा चुकी है। 

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ध्यान देने वाली बातें

ध्यान देने वाली बात ये है कि दाखिले के लिए तय मानदंडों में अधिकांश स्कूलों ने सबसे ज्यादा अंक दूरी (Neighbourhood) को दिए हैं। यानी घर से जितनी कम स्कूल की दूरी होगी, उतने ज्यादा अंक मिलेंगे।

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इतना ही नहीं, दूरी जांचने के लिए स्कूल अब गूगल मैप (Google Map) की भी मदद लेंगे। नई दिल्ली के अलकनंदा स्थित कालका पब्लिक स्कूल ने तो कुल 100 अंकों में से 90 अंक घर व स्कूल की दूरी को दिए हैं। यहां नर्सरी में दाखिले के लिए (सामान्य वर्ग) 99 सीटें हैं। 

वहीं अगर द्वारका स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) की बात करें, तो यहां स्कूल से तीन किलोमीटर तक की घर की दूरी पर 45 प्वॉइंट रखे गए हैं। इसके अलावा भाई या बहन (sibling) होने पर 35 और माता या पिता के स्कूल के पूर्व छात्र होने पर 10-10 अंक निर्धारित किए गए हैं।


हालांकि इन सभी मानदंडों को पूरा करने के लिए अभिभावकों को शपथ पत्र (Undertaking) देना होगा। दिशानिर्देश में कहा गया है कि अगर इसमें दी गई जानकारी का सत्यापन भी किया जाएगा। अगर जानकारी गलत निकली तो बच्चे का दाखिला रद्द कर दिया जाएगा।  

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कुछ स्कूलों में तो यहां तक कहा गया है कि अगर बच्चे के माता या पिता या दोनों उस स्कूल के पूर्व छात्र रहे हैं, तो उन्हें कैरेक्टर सर्टिफिकेट भी जमा कराना होगा।

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